
लखनऊ में भाजपा मुख्यालय पर आधी रात पहुंचीं सपा की महिला कार्यकर्ताओं ने हंगामा कर दिया। मुख्यालय गेट पर महिलाएं जैसे ही प्रदर्शन करने पहुंचीं, तो गेट को अंदर से बंद कर दिया गया। इसके बाद महिलाएं गेट पर ही नारेबाजी करने लगीं।
थोड़ी देर के बाद अंदर से भारतीय जनता पार्टी के भी कार्यकर्ता भी निकल आए। वे सपा के विरोध और भाजपा के समर्थन में नारेबाजी करने लगे। कुछ देर में पुलिस पहुंची और सपा की कार्यकर्ताओं को वहां से टांगकर उठा ले गई।




भाजपा गेट पर बैठीं सपा कार्यकर्ता
गेट पर बैठी महिलाएं भाजपा सरकार और पीएम मोदी-सीएम योगी के मुर्दाबाद का नारा लगा रही थीं। भाजपा के कार्यकर्ता सीएम योगी और पार्टी के जिंदाबाद का नारा लगा रहे थे। मौके पर पुलिस पहुंची जिस ने प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और महिलाओं के बीच में काफी देर तक धक्का-मुक्की और नोकझोंक हुई। काफी संघर्ष के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

पोस्टर में योगी और अखिलेश के बीच तुलना
प्रदर्शनकारी महिलाएं अपने साथ पोस्टर लेकर आई थीं जिनमें सीएम योगी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की तुलना थी। एक तरफ सीएम योगी की तस्वीर थी, जिसके नीचे बहुत सारे आईपीसी में दर्ज धाराओं के मुकदमे लिखे हुए थे। दूसरी तरफ अखिलेश यादव की तस्वीर के साथ लिखा था ‘स्वच्छ छवि बेदाग नेता’। पोस्टर के अंत में लिखा था- चुनाव आपका, फैसला आपका!।

अखिलेश यादव की छवि धूमिल की
प्रदर्शन कर रही महिला सभा की प्रदेश सचिव रंजना पटेल ने कहा कि हमारे नेता अखिलेश यादव की छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है। हमारे नेता पर गलत टिप्पणी की जाती है। हम लोग इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव साफ छवि के नेता हैं। उनके ऊपर कोई भी आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं है। अखिलेश यादव का अपमान करने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।
यूपी में महिला सुरक्षित नहीं
रंजना पटेल ने कहा कि जब हमारे कार्यालय का भाजपा के लोग घेराव कर सकते हैं, तो हम लोग भी उनके कार्यलय का घेराव करके प्रदर्शन करेंगे। हम लोग समाजवादी पार्टी के निडर कार्यकर्ता है डरने वाले नहीं है। उत्तर प्रदेश में बहन-बेटियों का बलात्कार हो रहा है। किसी भी जनपद में महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। सरकार को यह नजर नहीं आता। लगातार महिला अपराध में बढ़ोतरी हो रही है। इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। बस हमारी पार्टी और नेता के ऊपर अनावश्यक टिप्पणी करना और फर्जी आरोप लगाना यही बचा है। इसका हम खुलकर विरोध करते हैं।

