गुरु पूर्णिमा पर गंगा तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब, लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

जर्जर सड़कों ने बढ़ाई मुश्किलें, घंटों जाम से जूझे श्रद्धालु
डलमऊ रायबरेली
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार देर शाम तक गंगा तट डलमऊ के किला घाट, सड़क घाट, वीआईपी घाट, रानी शिवाला घाट, पक्का घाट, संकटमोचन घाट, पथवारी घाट समेत एक दर्जन से अधिक स्नान घाटों पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। डलमऊ तहसील क्षेत्र के साथ साथ जनपद और गैर जनपद से पहुंचे लाखों श्रद्धालुओं ने आधी रात से ही मां गंगा की अविरल धारा में आस्था की डुबकी लगाई और “गंगा मैया की जय” के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद अपने तीर्थ पुरोहितों को यथाशक्ति दान-दक्षिणा देकर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा घाटों के किनारे स्थित मंदिरों और शिवालयों में जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। गंगा तट पर विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और पारंपरिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। कहीं श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण किया तो कहीं मुंडन संस्कार संपन्न कराए गए। संस्कृत महाविद्यालय बड़ा मठ के स्वामी दिव्यानंद महाराज ने बताया कि गुरु पूर्णिमा के दिन स्नान, ध्यान एवं अपने गुरु की पूजा-अर्चना कर श्रद्धापूर्वक गुरु दक्षिणा अर्पित करने से जीवन कृतार्थ होता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। गंगा स्नान के लिए पहुंची भारी भीड़ के कारण श्रद्धालुओं को यातायात व्यवस्था की अव्यवस्था का भी सामना करना पड़ा। गंगा तट की संकरी गलियों के चलते दिन भर जाम की स्थिति बनी रही। मुराई बाग मुख्य चौराहे पर सुबह करीब दो घंटे तक भीषण जाम लगा रहा, जिससे श्रद्धालुओं को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई। वहीं फतेहपुर मार्ग की जर्जर सड़क से होकर गुजरने वाले श्रद्धालुओं को जान जोखिम में डालकर घाटों तक पहुंचना पड़ा। संस्कृत महाविद्यालय बड़ा मठ डलमऊ में महामंडलेश्वर स्वामी देवेंद्रानंद गिरि के सान्निध्य में गुरु दीक्षा एवं गुरु दक्षिणा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हजारों शिष्यों ने गुरु पूजन, आरती एवं गुरु दक्षिणा अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर स्वामी दिव्यानंद, स्वामी रामचैतन्य, स्वामी गीतानंद, सुशील शास्त्री सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।












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