मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर बलिया के मनियर ब्लॉक के रानीपुर गांव में देखने को मिली। एक पैर से दिव्यांग सात वर…
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की तस्वीर बलिया के मनियर ब्लॉक के रानीपुर गांव में देखने को मिली। एक पैर से दिव्यांग सात वर्षीय रागिनी की पढ़ाई के प्रति लगन और स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी की जानकारी मिलते ही जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह खुद अधिकारियों की टीम के साथ उसके घर पहुंच गए। उन्होंने रागिनी से बातचीत कर उसकी समस्याएं जानीं और मौके पर ही पढ़ाई की सामग्री के साथ दो ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराईं। साथ ही बच्ची के पैर के इलाज की व्यवस्था कराने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए।
मनियर ब्लॉक की दिघेड़ा ग्रामसभा के रानीपुर गांव निवासी रागिनी प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। शारीरिक चुनौती और परिवार की आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद वह नियमित रूप से स्कूल जाने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रयासरत है। गांव की खराब सड़क और आवागमन की परेशानी के कारण उसके लिए स्कूल पहुंचना काफी मुश्किल था।मामला प्रशासन के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल कार्रवाई की। वह मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों के साथ रागिनी के घर पहुंचे। जिलाधिकारी ने उसकी मां बबीता देवी और दादा से बातचीत की और बच्ची की पढ़ाई, स्वास्थ्य तथा रोजमर्रा की जरूरतों की जानकारी ली।जिलाधिकारी ने रागिनी को स्कूली किताबें और पढ़ाई से जुड़ी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। स्कूल आने-जाने में हो रही परेशानी को देखते हुए मौके पर ही दो ट्राइसाइकिल दी गईं।
जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रागिनी के पैर की चिकित्सकीय जांच कराने और आवश्यक उपचार की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। परिवार को यह भी बताया गया कि उनके घर में शौचालय निर्माण के लिए राशि पहले ही स्वीकृत हो चुकी है और उसे जल्द उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं गांव की जर्जर सड़क देखकर जिलाधिकारी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। इससे रागिनी के साथ-साथ गांव के अन्य लोगों को भी आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।जिलाधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को पूरे गांव में विशेष कैंप आयोजित करने के निर्देश दिए। कैंप के माध्यम से पात्र दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं के तहत आर्थिक और आवश्यक भौतिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अभय कुमार राय, बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
प्रशासन की इस त्वरित पहल से रागिनी और उसके परिवार में खुशी का माहौल है। यह पहल इस बात का उदाहरण बनी कि सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए अधिकारी स्वयं उनके दरवाजे तक पहुंच सकते हैं। रागिनी की पढ़ाई जारी रखने की जिद को प्रशासन से मिली मदद ने उसके हौसले को नई ताकत दी है।
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Source: Filmitics

