कुछ दिनों पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कार्यकर्त…
कुछ दिनों पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट का मामला अब सियासी तूल पकड़ता जा रहा है, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट को लेकर स्वतंत्र भारद्वाज के एक पॉडकास्ट में दिए बयान के बाद विवाद बढ़ गया है, स्वतंत्र भारद्वाज ने पॉडकास्ट में कथित तौर पर दावा किया कि जंतर-मंतर पर उसने संजय कुमार के साथ मारपीट की थी, उसने यह भी कहा कि संजय कुमार को चोट लगी और उन्हें टांके लगाए गए, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया, बयान में उसने कई राजनीतिक नेताओं से अपने संबंध होने का दावा भी किया।
मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने शुक्रवार (4 सितंबर 2026) को प्रतिक्रिया दी, उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वतंत्र भारद्वाज के बयान का वीडियो देखा है, जिसमें वह कथित तौर पर घटना में अपनी भूमिका स्वीकार करता दिखाई देता है, मनोज झा ने कहा कि एक व्यक्ति खुलेआम अपने रसूख का दावा कर रहा है और कई लोगों को अपना भाई बता रहा है, उन्होंने सवाल उठाया कि अगर किसी व्यक्ति ने सार्वजनिक रूप से इस तरह का दावा किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई, उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में किसी राजनीतिक नेता के संज्ञान लेने का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए था, बल्कि पुलिस और प्रशासन को स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
स्वतंत्र भारद्वाज के कथित दावों के सामने आने के बाद उनकी गिरफ्तारी की मांग भी तेज हो गई है, शुक्रवार को सीजेपी से जुड़े नेता दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचे और मामले में कार्रवाई की मांग की, सौरव दास, आशुतोष रांका, चंद्रशेखर आजाद और निशु ने दिल्ली पुलिस के डीसीपी के साथ बैठक की, इस दौरान थाने के बाहर सीजेपी के कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, सीजेपी के एक कार्यकर्ता ने कहा कि जब कोई व्यक्ति कथित तौर पर अपराध को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर रहा है तो पुलिस को उसके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए और उसे गिरफ्तार किया जाना चाहिए।
विवाद बढ़ने के बाद स्वतंत्र भारद्वाज ने शुक्रवार को अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर सफाई दी, उनका दावा है कि जंतर-मंतर पर उन्होंने जो भी किया, वह आत्मरक्षा में किया गया कदम था, स्वतंत्र भारद्वाज के मुताबिक, उन्हें अपनी जान का खतरा था और करीब 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था। उनका दावा है कि ऐसी स्थिति में उन्होंने खुद को बचाने के लिए प्रतिक्रिया दी।
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान कथित मारपीट के बाद से ही यह मामला विवादों में है, अब स्वतंत्र भारद्वाज के पॉडकास्ट में दिए गए कथित बयान ने मामले को नया राजनीतिक रंग दे दिया है, एक तरफ सीजेपी और उससे जुड़े लोग उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं, वहीं स्वतंत्र भारद्वाज इसे आत्मरक्षा से जुड़ा मामला बता रहे हैं, RJD सांसद मनोज झा ने भी मामले में तत्काल पुलिस कार्रवाई की मांग की है, अब इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी, आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी।
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Source: Filmitics

