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September 8, 2026
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नेपाल: पुनर्निर्माण में इतने अरब डॉलर होंगे ख़र्च, भारत समेत किन देशों ने अब तक की मदद

September 8, 2026 · Ashish Bajpai · 1 मिनट पढ़ें

नेपाल में बाढ़ के बाद कई देशों और संगठनों ने मदद की है. लेकिन शुरुआती राहत और बचाव कार्य में मदद के बाद नेपाल को अब पुनर्निर्माण के लिए मदद की उम्मीद है.

नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले ने बीबीसी से कहा है कि भीषण बाढ़ के बाद पहले से ज़्यादा मज़बूत और टिकाऊ इन्फ्रास्ट्र्क्चर बनाने में ‘6 अरब डॉलर तक’ का ख़र्च आएगा

उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए ज़रूरी है ताकि नई इमारतें और पब्लिक इन्फ्रास्ट्र्कचर वगैरह इस तरह की आपदाओं को झेलने के लिए बेहतर तरीक़े से तैयार हों

उन्होंने कहा कि एक मज़बूत रीकंस्ट्रक्शन की लागत एक साधारण तरीक़े से किए गए रीकंस्ट्रक्शन की तुलना में दस गुना अधिक हो सकती है

हाल ही में भोटेकोशी-त्रिशूली बाढ़ के कारण नेपाल में 1200 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और हज़ारों लापता हैं

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फंड जुटाने के लिए कॉन्फ़्रेंस

फ़िलहाल नेपाल सरकार नुक़सान का तेज़ी से आकलन कर रही है. बाद में नुक़सान का विस्तृत आकलन भी किया जाएगा

राष्ट्रीय योजना आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. गुनाकर भट्टा ने कहा, “हम फिलहाल नुक़सान का जल्द से जल्द आकलन कर रहे हैं. इसके बाद हम एक या डेढ़ महीने के भीतर व्यापक तौर पर इसका आकलन करेंगे.”

उन्होंने कहा कि ‘पोस्ट डिज़ास्टर नीड्स असेसमेंट’ (पीडीएनए) के लिए इन्फ़ॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, एआई और अन्य संसाधनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिनमें ऑन-साइट निरीक्षण भी शामिल हैं

भट्टा ने कहा, “यह 1972 के भूकंप से अलग तरह की आपदा है. हम इसके लिए अलग तरीक़े से काम कर रहे हैं.”

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वहीं, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा है कि नुक़सान का अनुमान अरबों रुपये में है. लेकिन सटीक आंकड़े और ज़रूरतों का पता पीडीएनए के बाद ही चल पाएगा

उन्होंने कहा कि इसी के आधार पर नेपाल सरकार डोनर्स के लिए सम्मेलन आयोजित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है

खनाल ने कहा, “इस संबंध में वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के बीच बातचीत चल रही है. पीडीएनए के बाद हम मित्र देशों के साथ कॉर्डिनेट करेंगे.”

1972 के भूकंप के बाद भी काठमांडू में पीडीएनए और एक डोनर कॉन्फ़्रेंस आयोजित की गई थी. उस वक़्त सरकार ने नुक़सान का अनुमान 7 अरब डॉलर लगाया था और डोनर्स ने लगभग 4.5 अरब डॉलर की सहायता देने का वादा किया था

भारत ने सबसे अधिक 1 अरब डॉलर की सहायता देने का वादा किया. वहीं चीन, एशियन डेवलपमेंट बैंक, विश्व बैंक, जापान और अमेरिका ने भी महत्वपूर्ण सहायता का वादा किया

इस साल की बाढ़ से अकेले हाइड्रोइलेक्ट्रिक सेक्टर यानी जलविद्युत क्षेत्र को ही 100 अरब नेपाली रुपये से अधिक का नुक़सान होने का अनुमान है. इसके अलावा क़रीब 74,500 घर तबाह हुए हैं. 40 किलोमीटर लंबी सड़कें और 30 से अधिक पुल बह गए हैं

अब तक किसने कितनी मदद की

इस बार आई बाढ़ के बाद कई देशों, मल्टीलेट्रल डोनर्स और संगठनों ने मदद की है. कई रिपोर्ट्स में कहा गया है कि प्रधानमंत्री आपदा राहत कोष में 10 अरब नेपाली रुपये से ज़्यादा राशि जुट चुकी है

शुरुआती राहत और बचाव चरण के बाद अब पुनर्निर्माण के लिए मदद की उम्मीद है

प्रधानमंत्री बालेंद्र (बालेन) शाह ने हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट में कहा, “बाढ़ आने के दिन से ही हमें मित्र देशों से अलग-अलग तरह की सहायता मिल रही है. संकट के दौर में ये देश हमारे लिए ताक़त के स्तंभ बनकर खड़े रहे हैं.”

भारत अलग-अलग चरणों में राहत और बचाव सामग्री, और एक्सपर्ट्स की टीमें भेज रहा है. चीन ने भी 30 करोड़ नेपाली रुपये की लागत की राहत सामग्री और तत्काल सहायता दी है

श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अमेरिका ने भी नेपाल की मदद की है. ऑस्ट्रेलिया ने 10 लाख डॉलर की नकद सहायता देने का वादा किया है और ड्रोन ऑपरेटरों और विशेषज्ञों की एक टीम भेजी है

प्रधानमंत्री सचिवालय के मुताबिक़, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने 83 टन ज़रूरी राहत सामग्री भेजी है. इसके अलावा 10 मिलियन डॉलर तक की सहायता देने का वादा किया है. क़तर ने भी 40 टन राहत सामग्री भेजी है

ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड की मदद की घोषणा की है. यूरोपीय संघ पहले ही 20 लाख यूरो दे चुका है और आगे 5 लाख यूरो और देगा

प्रधानमंत्री सचिवालय ने बताया, “स्विट्जरलैंड ने पहले ही 1 मिलियन डॉलर, डेनमार्क ने 35 लाख डेनिश क्रोनर, जर्मनी ने 20 लाख डॉलर, आयरलैंड ने 5 लाख यूरो, चेक रिपब्लिक ने 25 लाख चेक कोरुना और नॉर्वे ने 17 लाख नॉर्वेजियन क्रोनर देने की घोषणा की है.”

रिपोर्ट्स के मुताबिक़, कई दूसरे देश भी राहत सामग्री और वित्तीय सहायता दे रहे हैं

अमेरिका की टेक कंपनी एनवीडिया ने 10 मिलियन डॉलर का दान दिया है

विश्व बैंक ने रियायती दरों पर 167 मिलियन डॉलर का लोन देने का वादा किया है. वहीं एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) ने 5 मिलियन डॉलर का अनुदान और अतिरिक्त तकनीकी सहायता देने का वादा किया है

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संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र और मानवीय सहायता से जुड़े साझेदारों ने बाढ़ से प्रभावित 84 हज़ार से ज़्यादा लोगों को तुरंत जीवन रक्षक सहायता देने के लिए क़रीब 5 करोड़ डॉलर, यानी 7.5 अरब नेपाली रुपये से ज़्यादा की इमरजेंसी अपील शुरू की है

संयुक्त राष्ट्र ने एक बयान में कहा, “नेशनल डिज़ास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी के नेतृत्व में तैयार की गई यह योजना चार महीने की है. यह योजना सरकार की ओर से निर्धारित प्राथमिकताओं के तहत काम करेगी. इसका मुख्य लक्ष्य सर्दी शुरू होने से पहले ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों की बस्तियों में लोगों की और तकलीफ़ और संक्रामक बीमारियों के जोखिम को रोकना है

नेपाल में संयुक्त राष्ट्र की रेज़िडेंट कोऑर्डिनेटर लीला पीटर्स याहिया ने कहा, “भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों में आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन आने से परिवारों ने कुछ ही पलों में अपने लोगों, अपने घरों और अपनी आजीविका को खो दिया.”

उन्होंने कहा, “इस अपील की मुख्य प्राथमिकता सरकार के नेतृत्व में सर्दी शुरू होने से पहले सबसे दूर-दराज़ की बस्तियों तक टीके, चिकित्सा सुविधा, साफ़ पानी और नकद सहायता पहुंचाना है.”

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Source: BBC News हिन्दी

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