Skip to content
September 22, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
अंतराष्ट्रीय

Lucknow अगबरनगर में बुलडोजर की गड़गड़ाहट। चीखते-चिल्लाते लोग। बिखरा हुआ मलबा।

June 12, 2024 · admin · 1 मिनट पढ़ें

div class=”f3e032cb” तस्वीर अकबरनगर की है। लोग घर से सामान शिफ्ट कर रहे। - Dainik Bhaskar div class=”a330ff56″div
div
div class=”f46ba790″तस्वीर अकबरनगर की है। लोग घर से सामान शिफ्ट कर रहे।div
div class=”fe1b7d06″div

अगबरनगर में बुलडोजर की गड़गड़ाहट। चीखते-चिल्लाते लोग। बिखरा हुआ मलबा। तस्वीरें यह समझने के लिए काफी हैं कि जो लोग 70 साल से यहां रह रहे थे, अब उनका आशियाना एक झटके में उजड़ गया।

पिछले 2 दिन में निगम और LDA ने 150 से अधिक मकान तोड़ दिए। जिस घर को महनत मजदूरी करके बनाया उसे टूटते हुए देख आंखों से आंसू नहीं थम रहे। लोगों का कहना है- ‘घर नहीं जिंदगी छूट रही है।

div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div

दरअसल, ये मकान कुकरैल नदी किनारे बने हैं। सरकार की तरफ से डूब क्षेत्र होने का हवाला देकर यहां से लोगों को नए घरों में शिफ्ट किया जा रहा है। यहां बने मकानों को अवैध बताया जा रहा है। लेकिन यहां के लोग का सवाल है कि जब हमसे हाउस-टैक्स वॉटर टैक्स, बिजली बिल की वसूली की जा रही, तब हमारा घर अवैध कैसे हुआ?

इस कार्रवाई की हकीकत जानने के लिए UPLIVE.NEWS टीम मौके पर पहुंची तब विस्थापित लोगों ने कहा- जो घर दिए जा रहे हैं वह बहुत छोटे हैं। उसमें घर का सामान तक नहीं आ सकेगा। अकबरनगर में सिर्फ हमारा घर नहीं, यहां से पीढ़ियों का रिश्ता है। रिश्ता-नाता, कामकाज, रोजी-रोटी का आधार यहीं से है। लेकिन घर ढहाकर जिंदगी उजाड़ दी गई है।

पहले ध्वस्तीकरण की 4 तस्वीरें देखिए

div class=”f3e032cb “अकबरनगर में जेसीबी लगाकर घरों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करती टीम।div
div class=”f46ba790″अकबरनगर में जेसीबी लगाकर घरों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करती टीम।div
div class=”f3e032cb “70 साल से बसे लोगों के घरों को गिरा दिया गया।div
div class=”f46ba790″70 साल से बसे लोगों के घरों को गिरा दिया गया।div
div class=”f3e032cb “मंगलवार को कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के साथ भारी सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।div
div class=”f46ba790″मंगलवार को कार्रवाई के दौरान अधिकारियों के साथ भारी सुरक्षाकर्मी मौजूद रहे।div
divdiv

अकबरनगर से विस्थापित हो रहे परिवारों ने जो कहा

अकबरनगर के रहने वाले अनवर अली की उम्र (70) साल है। अनवर साइकिल मैकेनिक हैं। वह बताते हैं गोविंदनगर में जो मकान मिला है, उसका कब्जा नहीं मिला है। उससे पहले ही हमें निकाल दिया गया। अभी सिर्फ फ्लैट का आवंटन हुआ है।

निर्माण कार्य पूरा भी नहीं हुआ है। अनवर बताते हैं कि हमें जो फ्लैट दिया जा रहा है वो बहुत छोटा है। फ्लैट में एक कमरा और एक बरामदा है। कमरे की लंबाई 8 फिट और चौड़ाई 10 फिट है। बरामदे की लंबाई और चौड़ाई दोनों 10 फिट है। एक बाथरूम है।

मेरे परिवार में रहने वाले 10 लोग हैं। यहां मकान बड़ा था। हम आसानी से रह पाते थे। जीवन की पूरी कमाई जोड़-जोड़ कर इस मकान को बनाया है। 70 साल से यहीं पर रहते आ रहे आज यह करोड़ों की जमीन और मकान है। यही सबकुछ है, लेकिन आज हमें यह छोड़ना पड़ रहा है।

div class=”f3e032cb “यह तस्वीर अनवर अली के घर की है। अकबरनगर से जाने की तैयारी हो चुकी है। सामान बांधकर रखा है।div
div class=”f46ba790″यह तस्वीर अनवर अली के घर की है। अकबरनगर से जाने की तैयारी हो चुकी है। सामान बांधकर रखा है।div
divdiv

आंखो में भरा आंसू बोली कुछ नहीं बोलेंगे, नहीं जल रहा चूल्हा

सड़क के किनारे खड़ी रूबीना। अकबरनगर को निहार रही हैं। आंखों में आंसू डबडबा रहा। मैं बात करना चाहा। वह कहती हैं क्या ही बोले बताइए,कुछ बच ही नहीं रहा। उन्होंने बात करते हुए कहा कि किसी तरह से घर के सामने दो कमरे लॉकडाउन के पहले बनवाए। पति का एक्सीडेंट हो गया।

इलाज में ज्यादा पैसा खर्च हुआ तो कमरा किराया पर दे दिया। इसी से उनका इलाज हुआ, लेकिन अब इनकम की खत्म हो गई। अभी प्लॉट का आवंटन भी नहीं मिला है। इसके चलते टूटे हुए घर में रह रही। गैस, फ्रिज, कपड़ा, कूलर, बक्शे सहित अन्य सामान एक जगह इक्कठा कर के पड़ा है। उनका कहना है चूल्हा नहीं जल रहा। पिछले एक महीने से बिजली, पानी कटा हुआ है। स्थिति खराब है।

div class=”f3e032cb “अकबरनगर की रूबीना ने कहा कि कभी सोचा नहीं था अकबरनगर से जाना होगा। सब कुछ चला गया।div
div class=”f46ba790″अकबरनगर की रूबीना ने कहा कि कभी सोचा नहीं था अकबरनगर से जाना होगा। सब कुछ चला गया।div
divdiv

आशियाने के साथ छिन गया रोजी रोजगार

विनय बताते हैं कि 37 साल के हो गए हैं। यहीं पर रह रहे हैं। मां बाप पहले से रह रहे थे। परिवार में तीन भाई रहते हैं। घर एक ही को घर मिल रहा। सब अलग-अलग रहेंगे। ढपली में रहना पड़ेगा सामान लेकर वसंतकुंज जा रहे हैं। यहां पर कमाना, खाना और रहना सब एक साथ हो रहा था। सबकुछ छिन गया है। सामान को शिफ्ट करने का भी समय नहीं मिल रहा है। पिकअप से सामान लादकर ले जा रहे।

div class=”f3e032cb “अकबरनगर से विस्थापित होने वाले विनय कहते हैं, रोजी-रोजगार सब यहीं था। घर मिल जाने से हमारा काम तो नहीं मिल जाएगा। घर कैसे चलेगा यही चिंता है।div
div class=”f46ba790″अकबरनगर से विस्थापित होने वाले विनय कहते हैं, रोजी-रोजगार सब यहीं था। घर मिल जाने से हमारा काम तो नहीं मिल जाएगा। घर कैसे चलेगा यही चिंता है।div
divdiv

महिलाएं बोली हमें नहीं मिल रहा आवास

सरवरी ने कहा कि बिजली और बत्ती नहीं मिल रही है। हम यहीं पर रहते हैं। हमें मकान नहीं मिला है। हमारा आधार निशातगंज का है इसलिए नहीं मिला है। परिवार में 12 लोग हैं। सामान झोपड़ी में पड़ा है गिरा दें उसे क्या करना है। वहीं सबा परवीन कहती हैं कि हम फुटपाथ वाले हो गए हैं। खाने की दिक्कत है, राशन नहीं है। गरीबों की हालत खराब है। पांच साल पहले शादी हुई तो यहां आए, अब घर भी चला गया।

div class=”f3e032cb “अकबरनगर की सरवरी कहती हैं कि मेरा आधारकार्ड निशातगंज का है। मुझे घर नहीं मिला। हम कहां जाएं समझ नहीं आ रहा।div
div class=”f46ba790″अकबरनगर की सरवरी कहती हैं कि मेरा आधारकार्ड निशातगंज का है। मुझे घर नहीं मिला। हम कहां जाएं समझ नहीं आ रहा।div
divdiv

नाम बताने से बच रहे लोग, सामान निकालने के लिए भी जगह नहीं

एक व्यक्ति ने कहा कि घर को तोड़ा जा रहा है। सामान निकालने के लिए जगह भी नहीं दी जा रही। उनका कहना है कि पूरी पूंजी घर में लग गई। तीन बच्चे हैं। अब उनकी शादी करनी है। हम 20 साल पीछे चले गए हैं। वहीं, ग्रामीण अभियंत्रण विभाग की तरफ से इंटर लॉकिंग के शिलान्यास का बोर्ड भी लगा हुआ है। इसके साथ ही कई लोग घर टूटने से गुस्से में हैं। वह अभद्रता भी कर रहे।

div class=”f3e032cb “अकबरनगर में अवैध मकान तोड़े जा रहे हैं।div
div class=”f46ba790″अकबरनगर में अवैध मकान तोड़े जा रहे हैं।div
divdiv

छह सौ से अधिक को घर का आवंटन

अकबर नगर में 600 से अधिक को घर का आवंटन किया गया है। इसके लिए कुल 1679 परिवार अभी तक चयनित किए गए हैं। इसके लिए 1818 से अधिक आवेदन आ चुके हैं। इसमें कुल मकान और दुकान की संख्या 1240 है। 1139 आवासीय मकान हैं, जबकि 101 व्यवसायिक कॉम्प्लेक्स हैं।

4.79 लाख रूपए का मिल रहा घर, 73 करोड़पति

विस्थापित हो रहे लोगों को सरकार की तरफ से घर दिया जा रहा है। इसके लिए पांच हजार रूपए प्रति महीने की दर से किस्त पर लिए जाएंगे। वहीं, अकबरनगर में 73 करोड़पति भू माफिया भी सामने आए हैं, जिन्होंने जमीन पर कब्जा किया था। इसी से 101 कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण हुआ और इन्हीं के दम पर यह बस्ती बसी।

लखनऊ के अकबरनगर में आज 100 घर गिराए:जेसीबी पलटी, मस्जिद तोड़ने पर लोगों ने हंगामा किया

div class=”f3e032cb “div

लखनऊ के अकबरनगर में मंगलवार को 100 मकान एलडीए और नगर निगम ने तोड़े। दोपहर में एक मस्जिद गिराने के दौरान भीड़ जमा हो गई थी। वहीं शाम को एक जेसीबी पलट गई। हालांकि ड्राइवर सुरक्षित है। विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार सुबह 7 बजे से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।​​​​​​​​​​​​​​

लखनऊ के अकबरनगर में ऑपरेशन बुलडोजर का ड्रोन VIDEO:कुकरैल नदी के किनारे उजाड़ी जा रही बस्ती; गलियों में लगाए CCTV

लखनऊ में अकबर नगर में 1100 मकानों पर बुलडोजर चल रहा है। यह पूरा इलाका कुकरैल रिवर फ्रंट के दायरे में आ रहा है। यहां अवैध रूप से फर्नीचर शोरूम, दुकान और घर बना लिए गए हैं। जिन्हें खाली कराने के लिए एलडीए, नगर निगम और प्रशासन की टीम जुटी हुई है।

div class=”f3e032cb “div

इस कार्रवाई की निगरानी के लिए इलाके में ड्रोन भी उड़ाया जा रहा है, गलियों में CCTV लगाए गए हैं। अब तक 300 परिवार बोरिया-बिस्तर बांधकर पलायन कर चुके हैं। ड्रोन के कुछ विजुअल आए हैं, जो कार्रवाई की भयावहता को दिखा रहे है।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें