लखनऊ में गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। हालात यह है कि 1 घंटे के भीतर 10-10 बार बिजली कटौती हो रही है।

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बासमंडी के पास बिजली कटौती के खिलाफ हंगामा रोकने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। - Dainik Bhaskar
बासमंडी के पास बिजली कटौती के खिलाफ हंगामा रोकने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी।

लखनऊ में गर्मी के बीच बिजली कटौती ने लोगों को परेशान कर दिया है। हालात यह है कि 1 घंटे के भीतर 10-10 बार बिजली कटौती हो रही है। यही कारण है, बीते एक सप्ताह के भीतर 10 इलाकों में बिजली विभाग के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट चुका है।

शहर के लोग ऊर्जा मंत्री से शिकायत कर रहे हैं, UPPCL में कंप्लेन दर्ज करा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी बिजली संकट को लेकर लोग शिकायतें कर रहे हैं। बिजली की शिकायत वाले टोल फ्री नंबर 1912 पर एक दिन में 5 हजार से ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं।

बिजली विभाग के कस्टमर केयर नंबर पर लोग लगातार फोन कर रहे हैं, फिर भी शिकायत दर्ज नहीं हो पा रही है। बिजली कटौती की सबसे ज्यादा समस्या शाम 6 बजे से लेकर रात 12 बजे तक आ रही है। बिजली विभाग के कर्मचारी भी उपभोक्ताओं को सही जवाब नहीं दे पा रहे हैं।

राजाजीपुरम में 5 दिन से जारी प्रदर्शन

राजाजीपुरम में पिछले 5 दिन से बिजली कटौती पर लोग हंगामा कर रहे हैं। इसमें एक दिन तो टिकैत राय तालाब 132 केवी ट्रांसमिशन लाइन भी खराब को गई थी। रात 12 बजे खराब हुई लाइन की वजह से करीब 80 हजार घरों के 4 लाख लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। रात 9 बजे के बाद वहां रोजाना फॉल्ट हो रहे हैं। इसकी वजह से हंगामा हो रहा है।

राजाजीपुरम में पिछले 5 दिन से बिजली कटौती की वजह से लोग परेशान हैं।
राजाजीपुरम में पिछले 5 दिन से बिजली कटौती की वजह से लोग परेशान हैं।

1 सप्ताह में 150 से ज्यादा ट्रांसफार्मर खराब

गर्मी की वजह से पिछले एक सप्ताह में करीब 150 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर खराब हो गए। स्थिति यह है कि 4000 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर पर लोड बढ़ाने की जरूरत है। ​​​लेसा सूत्रों का कहना है, प्रतिदिन करीब 25 से ज्यादा छोटे-बड़े ट्रांसफॉर्मर खराब हो रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा ट्रांसफॉर्मर शहर के आउटर इलाके और ग्रामीण इलाके में खराब हो रहे हैं।

अधिकारी और कर्मचारी फोन नहीं उठाते

कानपुर रोड स्थित LDA कॉलोनी सेक्टर-डी में रात 10 बजे बिजली कटी तो सुबह 6 बजे आई। इलाके में रहने वाले आरके सिंह ने बताया, अधिकारी तो छोड़ो कर्मचारी तक फोन नहीं उठाते हैं। यह अकेला महकमा है जो सरकार की इमेज खराब करने पर आमादा है।

उन्होंने सवाल किया, बिजली बिल समय से लेंगे, ज्यादा लेंगे, जबरन लेंगे लेकिन बिजली अपूर्ति ठीक रखने के लिए इन्हें मॉनसून का इंतजार है। जब मॉनसून को ही इंतजाम ठीक करना है तो महकमे को मंत्री की जरूरत ही क्या है?

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