
डीसीपी दक्षिणी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को धर्मेंद्र शर्मा नाम के व्यक्ति ने सूचना दी कि चख्तीरी खेड़ा मजरा मेहंदौली थाना निगोहां निवासी मलखान अनुसूचित जाति का है। मलखान ने अपने खेत में मकान बनवाया है, जिसको चर्च के रूप में इस्तेमाल करता है।
उसमें हर रविवार और गुरुवार को क्षेत्र के भोले-भाले अनुसूचित जाति की महिलाओं-बच्चों को इकट्ठा करके बीमारी ठीक करने और तरह-तरह का प्रलोभन देता है। चमत्कार और पैसों का लालच देकर चंगाई सभा का आयोजन करता है। महिलाओं-बच्चों को बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मान्तरण कराता है।
कई लोगों का धर्मान्तरण करा चुका है। इस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी मलखान को आज गिरफ्तार कर लिया।

2016 में खुद ईसाई बना था
पुलिस की पूछताछ में आरोपी मलखान ने बताया 2016 में हिन्दू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म को अपना लिया था। यीशु चंगाई सभा नाम से वॉट्सऐप ग्रुप चलाता था, जिसमें खासकर अनुसूचित वर्ग के लोगों को जोड़ा था।
चंगाई सभा के नाम पर क्षेत्र के 12 से ज्यादा अनुसूचित जाति के महिलाओं -बच्चों को इकट्ठा कर उन्हें प्रलोभन देकर बपतिस्मा (ईसाई दीक्षा) देकर धर्मान्तरण कराया है। पुलिस ने बताया कि मलखान के पास से ईसाई धर्म से संबन्धित वस्तुओं को बरामद किया गया है। मलखान के आर्थिक स्रोतों के बारे में भी जांच की जा रही है। धर्मान्तरण के शिकार हुए लोगों से संपर्क कर मामले की गहनता से जांच की जाएगी।

अचानक से बदल गई लाइफस्टाइल
पुलिस की जांच में आया कि मलखान किसानी करता था। 2016 में आर्थिक तंगी के चलते पहले खुद ईसाई धर्म अपनाया। फिर अपने परिवार के सदस्यों को जुड़वाया। मलखान ने अपने तीनों बच्चों का नाम परिवर्तित कराकर रॉबिन, सैमुअल और जेसिका रख दिया था।
स्थानीय लोगों की मानें तो पहले एक कमरे के मकान में परिवार रहता था। फिर अचानक से खेत में बड़ा हाल बनवाया। जहां पर लोगों को एकत्रित करके प्रार्थना सभा लगाता था।

आसपास के लोगों को देता प्रलोभन
पुलिस की पूछताछ में आया है कि मलखान इलाज का चमत्कार दिखाता था। गांव के एक किशोर को मिर्गी आती थी। जिसे अपनी सभा में आने के लिए झांसा दिया। वहां पर उसके सिर पर हाथ फेर कर चार-पांच बार में चमत्कारी शक्ति से सही होने का दावा किया। जब परिवार आने लगा तो उसको पैसे का भी प्रलोभन देने लगा। इस प्रक्रिया से लोगों का धर्मांतरण कराता था।

पास्टर का पद मिल चुका था
पुलिस की जांच में आया कि मलखान को ईसाई धर्म अपनाने के बाद पास्टर का पद मिला था। इसके तहत वह चंगाई सभा में आए लोगों की आध्यात्मिक देखभाल और नेतृत्व करता था। ईसाई चर्चों में.पास्टर का काम दूसरों को आध्यात्मिक रूप से मार्गदर्शन करना और चर्च की सेवाओं का नेतृत्व करना होता है।
ये जिम्मेदारी लंबे समय से जुड़े लोगों या फिर धर्म के प्रसार करने में एक्टिव लोगों को दिया जाता है। निगोहां ग्रामीण इलाका होने की वजह से मलखान आसानी से धर्मांतरण करा रहा था।
सचिन ने बताया कि हिंदुओं को लालच देकर धर्मांतरण कराया जा रहा था।
बीमारी सही का होने का झांसा देता था
बजरंग दल गौरक्षा प्रमुख सचिन सिंह ने बताया कि निगोहां इलाके में एक धर्मांतरण का रैकेट चल रहा था। रैकेट हिंदुओं को लालच देकर धर्म परिवर्तन करा रहा था। चर्च में बुलाकर मिर्गी का दौरा सही करने का दावा करता था। इतना ही नहीं दावा करता था कि यीशु का नाम लेते ही कैदी को रविवार को भी बेल मिल गई है।
ये लोग गांव के कई परिवारों को कन्वर्ट कर चुके हैं। जब बजरंग दल को सूचना मिली कि इलाके में धर्मांतरण चल रहा है। तब वहां पहुंचकर देखा तो घटना सही पाई गई।

