
लखनऊ के मड़ियांव थानाक्षेत्र में फर्जी आईजी बनकर महिला को ब्लैकमेल किया। महिला की मुलाकात आरोपी से पुलिस रेडियो कॉलोनी में हुई थी। एक केस में मदद के बहाने दोस्ती कर ली। इसके बाद उसने करीबियां बढ़ाकर घर आना जाना शुरू कर दिया। इसके बाद आधार कार्ड एडिट करके ब्लैकमेल कर पैसे की डिमांड करने लगा।
आईआईएम रोड स्थित फैजुल्लागंज में रहने वाली मीनाक्षी मिश्रा पत्नी प्रमोद कुमार मिश्रा ने बताया कि बरेली निवासी चंद्रपाल सिंह की मुलाकात साल 2020 में पुलिस रेडियो कॉलोनी महानगर में हुई थी। उसने खुद को पुलिस विभाग में आईजी पद पर तैनात अधिकारी बताया था।
मीनाक्षी का कुछ पैसों के लेन-देन का विवाद चल रहा था, जिसे सुलझाने का भरोसा चंद्रपाल ने दिलाया। इस बहाने उसका उनके घर आना-जाना शुरू हुआ। कुछ दिन बाद मीनाक्षी को पता चला कि आरोपी कोई अधिकारी नहीं, बल्कि नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर ठगी करने वाला अपराधी है, जिसके खिलाफ कई मुकदमें दर्ज हैं।
दूरी बनाने पर शुरू किया ब्लैकमेलिंग
चंद्रपाल की सच्चाई पता करने पर उन्होंने उससे दूरी बनानी शुरू की, तो आरोपी ने उनकी बेटी छवि मिश्रा का आधार कार्ड फर्जी तरीके से बदलवा दिया। पिता के नाम की जगह अपना नाम चंद्रपाल सिंह दर्ज करवाया और जन्मतिथि में भी हेरफेर कर दी। इसके बाद उसने महिला को धमकाते हुए कहने लगा कि इस आधार कार्ड के जरिए तुम्हारी बेटी को फर्जी दस्तावेज बनवाने के केस में फंसवाकर जेल भिजवा दूंगा।
आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में करने की आशंका
पीड़िता का कहना है कि चंद्रपाल अप्रैल 2024 तक लगातार घर आकर उन्हें और उनकी बेटी को प्रताड़ित कर पैसे की मांग करता और ब्लैकमेल करता था। इससे परेशान होकर मीनाक्षी मानसिक तनाव में आ गईं। मीनाक्षी का कहना है कि आरोपी उनकी बेटी के फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर किसी आपराधिक गतिविधि में भी शामिल होने की आशंका है।
पीड़िता ने मड़ियांव थाने में शिकायत की लेकिन कार्रवाई न होने पर उसने कोर्ट में अपील की। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्पेक्टर मड़ियांव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।

