
मुराऊ टोला, आलमनगर के रहने वाले नरेश कुमार मौर्या ब्रिक फील्ड प्रोपराइटर है। नरेश ने बताया- पारा गांव स्थित एक जमीन का विवाद चल रहा है, जो कोर्ट में विचाराधीन है। कोर्ट में केस चलने के बावजूद मीरा देवी पत्नी नरेन्द्र कुमार और आकाश पुत्र नरेन्द्र कुमार फर्जी कागज से 22 सितंबर 2025 को भू-माफिया उमाशंकर, राजमन, सरवन और शैलेन्द्र प्रताप रावत के नाम रजिस्टर कर दिया।

फर्जी कागज बनवाकर ट्रांसफर की जमीन
मंगलवार की रात करीब 12:30 बजे आकाश, ज्ञान सिंह, अभिमन्यू लोधी, उमाशंकर, राजन रावत, सरवन और शैलेन्द्र प्रताप सिंह अपनी चार-पाँच गाड़ियों से तीन जेसीबी लेकर जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। सभी असलहों से लैस थे। वहां पहुंचते ही सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और वहां मौजूद भतीजे विपिन मौर्या और हर्षित मौर्या को मारने-पीटने लगे।
विपिन मौर्या पर असलहे से फायर कर दिया। गोली बगल से निकल गई। वहां मौजूद महिलाओं से भी अभद्रता की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। बदमाश भागने लगे इस पर एक युवक को पकड़ लिया गया। उस युवक के पास असलहा भी मिला था। जिसे पुलिस को सौंप दिया गया।
बाउंड्री वॉल करने पहुंचे थे दबंग
सकरी काकोरी निवासी शैलेंद्र प्रताप रावत ने बताया- मंगलवार की रात करीब 12:30 पर सूचना मिली कि उनकी जमीन पर नरेश मौर्या, अखिलेश मौर्या, हर्षित मौर्या, यश मौर्या और मन्नू मौया 25 से 35 लोग जेसीबी मशीने लेकर अवैध कब्जा करने के लिए बाउंड्री कराने जा रहे हैं। तभी अपने साथी मन्नू लोधी, अवध राम, राजन के साथ पहुंचा।
जान से मारने की धमकी दी
वहां मौजूद लोगों ने जान से मारने की नियत से मारपीट शुरू कर दी। नरेश मौर्या ने अपनी पिस्टल निकाली और उसके साथियों ने राइफल से गोलियां चलाना शुरू कर दिया। लगातार वसूली के लिए दबाब बनाते रहे और दोबारा जमीन पर दिखने पर जान से मारने की धमकी दी। इस दौरान जेब में रखे 32 हजार रुपए और दो तोले का ब्रेसलेट असलहे के दम पर छीन ले गए।
मामले में एडीसीपी पश्चिम धनंजय सिंह कुशवाहा का कहना है कि दो पक्षों में जमीन का विवाद है। दोनों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।

