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लखनऊ में मेयर सुषमा खर्कवाल और नगर आयुक्त गौरव कुमार के बीच विवाद बढ़ गया है। यही वजह है कि लगातार दूसरी बार नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक स्थगित हो गई। जिसके विरोध में पार्षदों ने हंगामा किया। मेयर का कहना है कि नगर आयुक्त बजट का कागज भी नहीं लेकर आते हैं, वो चपरासी से भिजवाते हैं। उन्होंने इसकी शिकायत सरकार से करने की बात भी कही है।
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वहीं, इससे पहले नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक लालबाग स्थित मुख्यालय में हंगामेदार रही। काम नहीं होने का आरोप लगाते हुए पार्षद अरुण राय और पार्षद पृथ्वी गुप्ता जमीन पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। करीब सवा घंटे तक चली बैठक हंगामे के बाद बिना किसी नतीजे के स्थगित हो गई। बैठक में मेयर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त समेत 12 कार्यकारिणी सदस्य और अधिकारी शामिल हुए।
1 लाख रुपए मांगने का आरोप
कार्यकारिणी में भाजपा पार्षद पृथ्वी गुप्ता ने एक अपर नगर आयुक्त समेत कर्मचारियों द्वारा 1 लाख रुपए मांगने का आरोप झूलेलाल पार्क के बुकिंग से जुड़े प्रकरण में लगा दिया था। वहीं, पुनरीक्षित बजट 2025-26 लेने से मना करने पर नगर निगम द्वितीय श्रेणी के लिपिक सुखदेव का वेतन रोक दिया गया है। इसके साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण भी मांगा गया है।
मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि ढाई साल में किसी भी संकल्प पर काम नहीं हुआ है। जब तक हमारे संकल्पों पर कार्यकारिणी में फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आगामी बैठक नहीं होगी। नगर निगम प्रशासन ने जनता और जनप्रतिनिधि का अपमान किया है। पार्षद पृथ्वी गुप्ता ने कहा- सदन और कार्यकारिणी में लिए गए निर्णयों पर कोई अमल नहीं किया गया है। हम जनता को क्या जवाब देंगे। इसको लेकर हमें धरने पर बैठना पड़ा।
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div class=”f46ba790″नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में करीब डेढ़ घंटे तक हंगामा हुआ। उसके बाद कार्यकारिणी की बैठक स्थगित हो गई।div
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मेयर बोलीं-चीजें खराब क्यों हो रही हैं?
मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- 24 अक्टूबर को कार्यकारिणी हुई थी। इसमें अधिकारियों की तरफ से अगस्त में हुई कार्यकारिणी के संकल्प को लेकर कोई जानकारी नहीं दी गई। कोई भी संकल्प पूरा नहीं हुआ है। मृतक आश्रित को नौकरी देने का मुद्दा उठाया गया। अभी तक 46 मृतक आश्रित में से 31 को नौकरी नहीं दी गई है। साफ सफाई में अभी हमारे शहर की रैंकिंग नंबर 3 पर थी, फिर चीजें खराब क्यों हो रही हैं।
सड़क के पैच वर्क पर काम नहीं हो रहा। जगह-जगह गड्ढे हैं। 10 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं, लेकिन 90 फीसदी काम हुआ है। एक सफेद हाथी (मशीन को सफेद हाथी का संज्ञा दिया) आया था, उससे गड्ढे नहीं भरे जा रहे हैं। यह खड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि बजट चपरासी के द्वारा भेजा जा रहा है, जबकि इसके पहले अधिकारी और कर्मचारी बैठ कर चर्चा करते थे। जब कार्यकारिणी का एजेंडा लौटाया गया तो डाक से भेजा गया, जबकि इसे विभागीय अध्यक्ष और नगर आयुक्त द्वारा लेकर आना चाहिए था।
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div class=”f46ba790″मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा- सड़क पैच वर्क के लिए जितना बजट मांगा जाएगा उतना दिया जाएगा।div
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जब तक फैसला नहीं होगा, बैठक नहीं होगी
मेयर ने कहा- झूलेलाल वाटिका की बुकिंग को लेकर नगर आयुक्त को पत्र भेजा था। इस पर अपर नगर आयुक्त ने पत्र दिया था कि पुलिस की तरफ से परमिशन देने में देरी हुई। इसके कारण बैंकिंग देरी से हुई। मेयर ने कहा कि मामले में पुलिस को पत्र भेजा था कि आपकी देरी के चलते नगर निगम का नुकसान हुआ है।
इस पर पुलिस ने जवाब दिया कि 19 अक्टूबर को ही परमिशन दे दी गई है। उनका कहना है कि अपर नगर आयुक्त की लापरवाही के चलते नगर निगम की करीब साढ़े तीन लाख रुपए का नुकसान हुआ है। मेयर ने कहा कि अधिवक्ता नामित शर्मा को ढाई तीन लाख फीस अलग से दी गई। जबकि नियम के मुताबिक ऐसा नहीं कर सकते हैं। सदन में अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह की पैनल में शामिल करने का प्रस्ताव पास किया गया था, लेकिन उन्हें अभी तक पैनल में शामिल नहीं किया गया।
बजट पर कोई चर्चा नहीं हुई है। सड़क के पैच वर्क के काम को प्रत्याशा में 23 करोड़ रुपए अतिरिक्त बजट के तौर पर देने की मांग अधिकारियों ने की थी। कार्यकारिणी की बैठक दोबारा बुलाने को लेकर मेयर ने कहा कि अभी अधिकारियों से इसके लिए डेट मांगी है। कब बैठक कराई जाए।
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div class=”f46ba790″फर्श पर बैठकर धरना देते भाजपा पार्षद अरुण राय और पृथ्वी गुप्ता।div
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अपमान करने और जनता का पैसा बर्बाद करने का आरोप
मेयर ने कहा कि चाहे मामला शहर की सफाई व्यवस्था का हो, मार्ग प्रकाश का, मृतक आश्रितों के अधिकारों का, जलभराव का, टूटी सड़कों का या फिर नगर निगम की भूमियों पर अवैध कब्जों का हर स्तर पर प्रशासन की कार्यशैली निराशाजनक रही है।उन्होंने यह भी कहा कि समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिकों और लोक नायकों के सम्मान से जुड़े प्रस्तावों पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि आज की कार्यकारिणी बैठक और पिछली बैठक में नगर निगम प्रशासन ने जनता का धन और जनप्रतिनिधियों का समय दोनों व्यर्थ किया है। यह बेहद खेदजनक है कि दो वर्षों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पूर्व में पारित कार्यकारिणी और सदन के निर्णयों का अनुपालन नहीं किया गया।
अधिकारियों पर काम नहीं करने का आरोप
कार्यकारिणी सदस्य अनुराग मिश्रा अन्नू ने कहा कि अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। दीपावली पर लाइटिंग पर परेशान रहे। पैच वर्क पर परेशान हैं। सुलभ और पिंक टॉयलेट की स्थिति बदहाल है। अधिकारियों की जवाबदेही नहीं है। चरक चौराहे पर टॉयलेट बंद है।
संविदा कर्मी के पद खाली हैं। मृतक आश्रित पर कुछ काम नहीं हो रहा है। सदस्य जो प्रस्ताव ला रहे हैं उसपर काम नहीं हो रहा। विभागीय आख्या के नाम पर चीजें बस लटकी हैं। हर बार पत्र मांगा जा रहा है। लाइटिंग पर पूर्व में क्यों नहीं तैयारी की।
22 वार्ड में 11 टीम है। एक क्रेन सिर्फ काम कर रही है। 400 से अधिक लाइन मैन काम छोड़कर जा चुके हैं। विधि में जो अधिवक्ता पैनल में हैं, उन्हें अधिक फीस क्यों नहीं दी जा रही। शैलेंद्र सिंह चौहान का काम अच्छा है उन्हें पैनल में शामिल नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंधा बांटे रेवड़ी घर घराना खाय वाली स्थिति हो गई है। हाउस टैक्स में 12 लाख रुपए का नोटिस देकर 2 लाख कर दिया जा रहा है।
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div class=”f46ba790″पार्षद अरुण राय ने कहा कि अधिकारी काम नहीं कर रहे हैं।div
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पब्लिक से पैसा मांगा जा रहा है
कार्यकारिणी सदस्य और
पार्षद अरुण राय ने कहा कि अधिकारी म्यूटेशन को लेकर काम नहीं कर रहे थे।
पैसा मांगने की बात का ऑडियो भी है। उन्होंने ऑडियो कार्यकारिणी में सुनाया। उन्होंने कहा कि पब्लिक से पैसा मांगा जा रहा है। सफाई कर्मचारियों का ट्रांसफर कर दिया जा रहा है। इसपर कोई काम नहीं दिया जा रहा है।
पार्षद भृगुनाथ शुक्ला ने बताया कि चौक चौराहे का नाम साहित्यकार अमृत लाल नागर और इंदिरा नगर सेक्टर 25 चौराहे का समाजसेवी अमित पुरी के नाम पर करने का प्रस्ताव पास हुआ है।
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div class=”f46ba790″कार्यकारिणी सदस्य पार्षद के.एन. सिंह ने बताया कि बात पुष्टि से शुरू हुई, लेकिन अधिकारियों ने कोई जवाब नहीं दिया।div
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div class=”f46ba790″कार्यकारिणी सदस्य पार्षद पृथ्वी गुप्ता ने कहा कि 3 साल से सदन और कार्यकारिणी में लिए गए निर्णयों पर काम नहीं हो रहा है। इसलिए अपने साथी अरुण राय के साथ में धरने पर बैठे थे।div
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div class=”f46ba790″कार्यकारिणी सदस्य पार्षद राम नरेश चौरसिया ने कहा कि लाइट और सीवर के विषय पर काम नहीं हो रहा है।div
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div class=”f46ba790″पार्षद अनुराग मिश्रा अन्नू ने अमृत लाल नागर के नाम पर कॉफी टेबल बुक का मेयर से विमोचन कराया।div
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इन विषयों पर मांगी गई जानकारी जो पहले कार्यकारिणी और नगर निगम में पास हो चुके हैं…
13 अगस्त 2023 को हुई बैठक
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- हुडको की सीएसआर निधि के अन्तर्गत आलमनगर वार्ड राजा नगर, खसरा संख्या 1083 में कल्याण मण्डप के निर्माण के प्रस्ताव पर क्या प्रगति है।
- नगर निगम कर्मचारियों के आश्रितों (पत्नी/पुत्र) को भी भवन कर /जलकर से छूट प्रदान देने में क्या अपडेट है? यह प्रस्ताव पहले सदन से पास हो चुका है।
- गऊघाट में निर्मित पार्क का नामकरण संत गाडगे पार्क किए जाने को लेकर सदन में निर्णय लिया गया था। अभी क्या स्थिति है।
- मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार शहीद लेफ्टिनेंट कमांडर रजनीकांत यादव के सम्मान में लोहिया नगर वार्ड के अन्तर्गत लेखराज पन्ना से सेक्टर-3 से सेक्टर-12 की ओर जाने वाली सड़क का नामकरण एवं द्वार का निर्माण किए जाने पर जानकारी मांगी गई कि यह अभी तक क्यों नहीं हुआ?
- जलकल विभाग नगर निगम लखनऊ के कर्मचारियों को नगर निगम लखनऊ के कर्मचारियों की भांति सामुदायिक केंद्र और कल्याण मण्डप में छूट का लाभ प्रदान किये जाने के सम्बम्ध में प्रस्ताव पास हुआ था। इसमें क्या स्थिति रही।
- जलकल विभाग में त्योहारी अवकाश के दिनों में शिफ्ट ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के लिए अवकाश के मद में भुगतान किए जाने के सम्बन्ध में निर्णय पास हुआ था क्या रहा? जलकल विभाग नगर निगम लखनऊ के कर्मचारियों को नगर निगम लखनऊ के कर्मचारियों की भांति रुपए 250 हर महीने नगर निगम भत्ता दिए जाने के बारे में।
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2 सितंबर 2023 की बैठक के निर्णय
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- संकल्प संख्या 39 में नगर निगम स्वास्थ्य विभाग की 8 डिस्पेंसरी और गणेशगंज डिस्पेंसरी को नगर निगम को हस्तांतरित करने हेतु अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया गया था, लेकिन दो वर्ष बाद भी यह कार्य अधूरा है।
- संकल्प संख्या 43 में सभी फ्लाईओवर और पुलों के नीचे हुए अतिक्रमणों को हटाकर सौंदर्यीकरण तथा वेंडिंग जोन और पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया था।
- संकल्प संख्या 50 में पालतू जानवरों के शवों के सम्मानजनक निस्तारण हेतु स्थल चयन और शुल्क निर्धारण की प्रक्रिया नगर आयुक्त को सौंपे जाने का निर्णय लिया गया था।
- प्रस्ताव संख्या 6 में बैटरी रिक्शा का लाइसेंस नगर निगम से जारी करने, अन्य प्रस्ताव संख्या 9 में अयोध्या रोड स्थित पुरानी चुंगी के पास जर्जर रैन बसेरा तोड़कर कॉम्प्लेक्स निर्माण तथा अन्य प्रस्ताव संख्या 25 में ट्रांसपोर्ट नगर की पार्किंग व्यवस्था में पारदर्शी निविदा प्रणाली से आय बढ़ाने के निर्णय शामिल थे।
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20 दिसंबर 2023 की बैठक का निर्णय
20 दिसंबर 2023 की कार्यकारिणी बैठक में संकल्प संख्या 107 के तहत नक्खास बाजार में महिलाओं के लिए सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया था। इस निर्णय का उद्देश्य महिला स्वच्छता और सुविधा सुनिश्चित करना था, लेकिन यह प्रस्ताव भी अब तक धरातल पर नहीं उतर सका है।
13 अगस्त 2023 के सामान्य सदन की स्थगित बैठक
संकल्प संख्या 06 के अंतर्गत आलमनगर वार्ड, राजा नगर में खसरा संख्या 1083 पर कल्याण मण्डप निर्माण हेतु प्रस्ताव रखा गया था, जिसे हुडको की CSR निधि से पूरा किया जाना था। यह प्रस्ताव बहुमत से स्वीकृत हुआ, किंतु अब तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हुआ।
23 नवंबर 2023 की बैठक
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- 23 नवंबर 2023 को आयोजित नगर निगम की विशेष बैठक (पुनरीक्षित बजट वर्ष 2023-24) में संकल्प संख्या एक के तहत निर्णय लिया गया था कि मल्टीप्लेक्स सिनेमाघरों से प्रति शो शुल्क ₹25 से बढ़ाकर ₹100 प्रति शो वसूला जाएगा। यह निर्णय निगम की आय में वृद्धि के उद्देश्य से लिया गया था, परंतु अब तक इसपर काम नहीं हुआ।
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2 सितंबर 2024 की बैठक
30 अगस्त 2024 की सामान्य बैठक (स्थगित होकर 02 सितंबर 2024) में पारित संकल्प संख्या 57 के तहत अमृत 2.0 कार्यक्रम के अंतर्गत डिस्ट्रिक्ट-2 पार्ट-1 सरोजनी नगर और ग्राम अमौसी क्षेत्र में एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया था।यह निर्णय लखनऊ की सीवरेज प्रणाली को सशक्त बनाने की दिशा में था, लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की गई है।
15 अप्रैल 2025 की बैठक
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- 15 अप्रैल 2025 को हुई विशेष बैठक (मूल बजट वर्ष 2025-26) में अन्य प्रस्ताव-01 के तहत यह निर्णय लिया गया था कि नगर निगम लखनऊ (जलकल विभाग सहित) के अधिकारी/कर्मचारी, सेवानिवृत्त अधिकारी/कर्मचारी और उनके आश्रित, यदि निगम सीमा के भीतर एक मात्र आवासीय भवन में स्वयं निवास कर रहे हों, तो उन्हें भवन कर, जलकर और सीवर कर से छूट प्रदान की जाएगी। यह प्रस्ताव बहुमत से पारित हुआ, लेकिन छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी नगर निगम ने इसे लागू नहीं किया।
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