
मां का नाम मुनेश सिंह (56) और बेटे का नाम बलजीत सिंह (38) है। वह मथुरा के बरसाना के रहने वाले हैं। दोनों के पास एक बैग मिला है जिसमें सल्फास के 2 पाउच और 1 मोबाइल फोन था। बेटे की जेब से एक एप्लिकेशन मिली है। इसमें लिखा है- भूमाफिया ने 43 लाख रुपए लेकर प्लॉट नहीं दिया। मकान से भी निकाल दिया।
अब धमकी देते हैं कि हमारा कुछ नहीं कर पाओगे क्योंकि मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी हमारे बिजनेस पार्टनर हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया- मां-बेटे सीएम आवास की तरफ जा रहे थे। लेकिन, पुलिस सुरक्षा को देखते हुए पहले ही जहर खा लिया। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह से इस घटना का कोई कनेक्शन नहीं है।

बलजीत की जेब में एक एप्लीकेशन मिली। इसमें लिखा है- मथुरा के भूमाफिया जयप्रकाश त्यागी, नरेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी, हरि नारायण राय और अभय शर्मा ने उन्हें लूट लिया है। इन लोगों से एक प्लॉट 15 लाख और एक मकान 28 लाख रुपए में खरीदा था। 2 साल हो गए लेकिन मकान की रजिस्ट्री नहीं कराई। बाद में घर से बाहर निकाल दिया। वहीं, प्लॉट पर भी कब्जा नहीं दिया।
इनके खिलाफ जब कोर्ट से मुकदमा दायर करवाया तो ये लोग दबंगई करने लगे। हर अधिकारी के पास शिकायत की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऊपर से ये लोग कहते हैं कुछ नहीं कर पाओगे। उत्तर प्रदेश शासन में मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी हमारे बिजनेस पार्टनर हैं।
जनता दरबार में शिकायत की तो हमें घर से भी निकाल दिया
2 पेज की एप्लिकेशन में लिखा है- जब हमने चारों भूमाफिया के खिलाफ भाजपा और मुख्यमंत्री जनता दरबार में शिकायत की तो इन लोगों ने हमारे साथ मारपीट की। मेरी मां के कपड़े फाड़ दिए। उसके बाद जो मकान हमें बेचा उसी मकान से हमें निकालकर हमारे सारे सामान को बाहर फेंक दिया। अब वहां ताला लगा दिया है। हमें धमकी दी है कि अगर हम दोबारा उस मकान की तरफ गए तो हमें जान से मार देंगे।
हमारे जीवनभर की कमाई इन लोगों ने लूट ली। हमारी बेइज्जती भी थी। हमारे पास आत्महत्या करने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। इसीलिए हम मुख्यमंत्री जी के यहां सल्फास खाकर आत्महत्या कर रहे हैं। हमारी मौत के जिम्मेदार हरि नारायण, जय प्रकाश त्यागी, नरेश त्यागी, पुष्पेंद्र त्यागी और अभय शर्मा होंगे।

बेटे की जेब से ये लेटर मिला…



