
उन्होंने लिखा कि 30 लाख रुपए खर्च कर टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है, जबकि किसी पार्षद को इसकी सूचना नहीं दी गई। टूर्नामेंट में कुछ लोगों को ही हिस्सेदारी दी जा रही है। जबकि 40 महिला पार्षदों को खेल से पूरी तरह वंचित कर दिया है।
सरकार दे रही महिलाओं की अधिक मौका
केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार महिलाओं को हर क्षेत्र में हिस्सा लेने का मौका दे रही है। उसके बाद भी नगर निगम के अफसरों ने कुछ लोगों के लिए ही टूर्नामेंट का आयोजन कर रहा है। इसे लेकर कार्यकारिणी सदस्य ने नगर आयुक्त गौरव कुमार को पत्र लिखकर सभी पार्षदों की खेल में प्रतिभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।
पार्षद प्रतिनिधियों के शामिल होने पर उठाए सवाल
टूर्नामेंट में पार्षद प्रतिनिधियों को खेलने का मौका दिया जा रहा है। जो पूरी तरह नियम विरूद्ध है। लगभग 40 महिला पार्षद भी है, जिन्हें नगर निगम के किसी भी खेल में हिस्सा लेने का मौका नहीं दिया गया है। इस तरह महिला पार्षदों का अपमान किया गया है।
नगर आयुक्त से जांच की मांग
नगर निगम द्वारा खेल को लेकर नियम बनाया जाता है वह सभी 110 पार्षदों के लिए होना चाहिए। आरोप लगाया कि अपर नगर आयुक्त ललित कुमार अपने चहेते लोगों को प्रतिभाग कराने के लिए खेल का आयोजन कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण में नगर आयुक्त से जांच कर नियम बनाने वाले के विरूद्ध कार्रवाई की मांग की है।

