
विधायक ने कहा- महिगवां थाना पुलिस फर्जी चालान, पीड़ितों को डराने धमकाने का काम कर रही है। विधायक के साथ उनके सैकड़ों समर्थकों ने थाना परिसर में पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।


विधायक बोले- पुलिस कर रही मनमानी
विधायक योगेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि महिगवां पुलिस टारगेट पूरा करने के लिए फर्जी चालान कर रही है। आम नागरिक अपनी शिकायत लेकर थाने जाते हैं तो पुलिस उल्टा उसे ही धमकाती है। उन्होंने बताया- हनुमंतपुर के प्रधान शंकर चौहान की मोटरसाइकिल को दरोगा धीरेंद्र राय ने छह दिन पहले कागज होने के बावजूद सीज कर दिया था।
आरोप है कि ‘टारगेट पूरा करने’ के नाम पर गाड़ी सीज कर दी गई। जब विधायक योगेश शुक्ला के माध्यम से इस मामले की शिकायत इंस्पेक्टर से की गई, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि हम कागज कोर्ट भेज रहे हैं, वहां से गाड़ी छुड़वा लीजिए। लेकिन छह दिन बीतने के बाद भी कागजात कोर्ट नहीं पहुंचे, जिससे प्रधान अपनी ही गाड़ी नहीं छुड़वा पाए।
₹2000 की वसूली मामले के बाद बढ़ा विवाद
यह विवाद तब और बढ़ गया जब पहाड़पुर निवासी गणेश लोधी का ₹2000 का मोबाइल बरामद होने के बाद उसके बदले में पैसे मांगे गए। विधायक ने बताया- दरोगा ने रुपए मांगे। जब मैंने फोन कर पूछा तो दरोगा ने उल्टा शिकायतकर्ता को ही धमकाना शुरू कर दिया।

विधायक बोले- यह पहला मामला नहीं
विधायक योगेश शुक्ला ने कहा- यह पहला मामला नहीं है। पिछले कुछ महीनों से ऐसे कई मामले मेरे संज्ञान में आए हैं। आज भी मोबाइल मिलने पर पैसे मांगे जाने की सूचना मिली। यह बहुत गंभीर है। मैंने मौके पर पहुंचकर थानेदार से बात की और डीसीपी को भी पूरा प्रकरण बताया।
विधायक के समर्थन में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग थाने पहुंचे। यहां पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस अधिकारियों ने विधायक को शांत कराया
DCP कृष्णा चौधरी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विधायक से बात की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे की बातचीत के बाद स्थिति सामान्य हुई। पुलिस अधिकारियों ने आरोपी एसआई और सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है।

