
बहराइच। भारत–नेपाल सीमा से सटे नगर पंचायत रूपईडीहा में बाघ की मौजूदगी से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। बुधवार सुबह आदर्श नगर पंचायत के पचपकरी वार्ड अंतर्गत रुपईडीहा रेंज क्षेत्र में बाघ ने अलग–अलग स्थानों पर हमला कर तीन लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद वन विभाग, पुलिस और एसएसबी ने संयुक्त रूप से सर्च व रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। वन रेंज अधिकारी रूपईडीहा अतुल श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर पंचायत रुपईडीहा के पचपकरी वार्ड में सुबह के समय झाड़ियों में छिपे एक बड़े बाघ ने अचानक हमला कर दिया। हमले में राधे वर्मा (60 वर्ष) पुत्र परशुराम वर्मा को सिर व मुंह पर गंभीर चोटें आईं। वहीं 12 वर्षीय संजना पुत्री चिंताराम पर उस समय हमला हुआ, जब वह शौच के लिए घर से बाहर निकली थी। उसके हाथ पर गहरे घाव बने हैं। तीसरे घायल अंकित पुत्र धनीराम (लगभग 25 वर्ष) को सिर में गंभीर चोट आई है। तीनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चर्दा में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में विशेष रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। बाघ को सुरक्षित रूप से पकड़ने के लिए ट्रैंकुलाइजेशन की जिम्मेदारी डॉ. दीपक वर्मा को सौंपी गई है। रेस्क्यू ऑपरेशन में आधुनिक संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। जिसमें विशेष पिंजरे, जाल, वाइल्डलाइफ रेस्क्यू वाहन और थर्मल ड्रोन कैमरे शामिल हैं। थर्मल ड्रोन के माध्यम से घने इलाकों, खेतों और संभावित मूवमेंट ज़ोन की लगातार निगरानी की जा रही है।
डीएफओ डॉ. राम सिंह यादव ने बताया कि रेस्क्यू ऑपरेशन को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है। पहले चरण में क्षेत्र की घेराबंदी की गई है, दूसरे चरण में ड्रोन व ट्रैकिंग से बाघ की गतिविधियों की पुष्टि की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तीसरे चरण में ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित रेस्क्यू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरी कार्रवाई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव प्रबंधन मानकों के अनुरूप की जा रही है, ताकि बाघ और आम नागरिक दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस क्षेत्राधिकारी पहुप सिंह और प्रभारी निरीक्षक रमेश सिंह रावत पुलिस बल के साथ मौके पर डटे हुए हैं।
सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसबी 42वीं वाहिनी के डिप्टी कमांडेंट अंजनी कुमार तिवारी तथा सहायक कमांडेंट शिवम कुमार के नेतृत्व में जवानों की तैनाती की गई है। सुरक्षा बलों द्वारा भीड़ नियंत्रण, रात्रि गश्त और सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन क्षेत्राधिकारी रुपईडीहा रेंज अतुल श्रीवास्तव लगातार ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, अकेले खेतों या जंगल की ओर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
मुनादी व स्थानीय माध्यमों से लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार बाघ पहले पचपकरी गांव की झाड़ियों में छिपा हुआ था और अब सीमा के समानांतर सड़क होते हुए आईसीपी कैंपस के बाग की ओर जाने की आशंका जताई जा रही है। घटनास्थल पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा है और लोग भयभीत नजर आ रहे हैं।
राजस्व विभाग की ओर से लेखपाल करुणेश त्रिपाठी भी मौके पर मौजूद हैं।
नगर पंचायत चेयरमैन डॉ. उमाशंकर वैश्य ने घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों से प्रशासन और वन विभाग का सहयोग करने तथा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और बाघ के सुरक्षित रेस्क्यू होने तक ऑपरेशन जारी रहेगा।

