मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल विशिष्ट अतिथि पूर्व उप जिलाधिकारी संजय कुमार रहे।

मिहींपुरवा बहराइच -दिन शुक्रवार को ग्राम पंचायत चहलवा के मजरा सिरसियनपुरवा में आजादी के परवाने, नेताजी सुभाष चंद्र बोस का 129वां जन्मदिवस बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और पुरुषों ने भाग लिया, जो देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत था। इस अवसर पर मछुआ समुदाय के लिए सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की औपचारिक शुरुआत भी की गई, जिससे स्थानीय लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई।

कार्यक्रम का शुभारंभ नेताजी के चित्र पर माल्यार्पण से हुआ। मुख्य अतिथि विधायक प्रतिनिधि आलोक जिंदल ने सर्वप्रथम चित्र पर पुष्प अर्पित किया, उसके उपरांत विशिष्ट अतिथि पूर्व उप जिला अधिकारी संजय कुमार तथा सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने भी पुष्प अर्पित किया। ग्राम प्रधान श्रीमती रूना निषाद ने कार्यक्रम की अध्यक्षता संभाली, जबकि संचालन प्रधान प्रतिनिधि प्रीतम निषाद ने कुशलतापूर्वक किया।
मुख्य अतिथि आलोक जिंदल ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ के नारे से प्रेरित होकर देश को आजादी दिलाने वाले महान सपूत थे। हमें उनके जीवन चरित्र से प्रेरणा लेनी चाहिए।उन्होंने मछुआ समुदाय के लिए शुरू की गई योजनाओं—जैसे मत्स्य पालन के लिए सब्सिडी, उपकरण वितरण और प्रशिक्षण कार्यक्रम—का शुभारंभ करते हुए कहा कि ये योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेंगी और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाएंगी। पूर्व उप जिला अधिकारी संजय कुमार ने नेताजी के जीवन चरित्र पर चर्चा करते हुए।
सरकारी योजनाओं के लाभों पर प्रकाश डाला और ग्रामीणों को आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया।सामाजिक कार्यकर्ता जंग हिंदुस्तानी ने अपने उद्बोधन में पर्यावरण संरक्षण और समुदाय एकता पर जोर दिया, जबकि अन्य वक्ताओं लल्लन साहनी, पूर्व प्रधान प्रतिनिधि राजेंद्र भगत और मनोज मौर्य ने नेताजी के बलिदान को याद करते हुए युवाओं को देशसेवा के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से देशभक्ति गीत गाए गए और कविताएं सुनाईं गई, जिससे माहौल और भी उत्साही हो गया।ग्राम प्रधान श्रीमती रूना निषाद ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायक होते हैं।
सैकड़ों की संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने कार्यक्रम की सराहना की और भविष्य में ऐसे और आयोजनों की मांग की। यह उत्सव न केवल नेताजी की स्मृति को जीवंत करता है, बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस अवसर पर चहलवा ग्राम पंचायत के सैकड़ो महिला पुरुष मौजूद रहे।

