बाराबंकी में शोएब अहमद किदवई हत्याकांड के 21 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को कोई ठोस सफलता नहीं मिल पाई है। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और जल्द खुलासे की मांग को लेकर अधिवक्ताओं ने शनिवार को जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है।जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र कुमार वर्मा के नेतृत्व में शुक्रवार को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदर्शन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने पहले 48 घंटे के भीतर मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया था, लेकिन 21 दिन बाद भी कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है।
उल्लेखनीय है कि कोतवाली नगर क्षेत्र के गदिया निवासी शोएब अहमद किदवई उर्फ बांबी (48) की 13 फरवरी को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। शोएब लखनऊ स्थित अपने आवास से कार द्वारा बाराबंकी कचहरी आ रहे थे। असेनी मोड़ के पास बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने उनकी कार पर लगभग 15 राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में चार गोलियां लगने से उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटनास्थल से पुलिस को 9 एमएम पिस्टल समेत अन्य हथियारों के कई खाली खोखे बरामद हुए थे। मृतक की पत्नी शाजिया की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

इस मामले के खुलासे के लिए पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय ने पांच विशेष टीमें गठित की हैं। ये टीमें बाराबंकी और आसपास के जिलों में संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर रही हैं। मोबाइल सर्विलांस और लोकेशन ट्रेसिंग के माध्यम से भी जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है, हालांकि अभी तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लग सका है।
मामले का खुलासा न होने के कारण अधिवक्ताओं में असंतोष लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को अधिवक्ता डीएम और एसपी कार्यालय का घेराव कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और हत्याकांड के शीघ्र खुलासे की मांग करेंगे।

