
खंडपीठ ने इलाके की तस्वीरों का अवलोकन करने के बाद नाराजगी व्यक्त की। अदालत ने टिप्पणी की कि सड़कों पर कूड़े का अंबार लगा है, जिससे स्पष्ट होता है कि लंबे समय से सफाई नहीं की गई है।
ठोस कदम उठाने के निर्देश
न्यायालय ने अगली सुनवाई तक पूरे क्षेत्र की सफाई कराने के साथ ही आवासीय इलाके से डंपिंग यार्ड हटाने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की पीठ ने पारित किया।
यह आदेश सैयद अली हसन आबिदी द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया। याचिका में आरोप लगाया गया था कि रिहायशी क्षेत्र में कूड़ा डाला जा रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा
नगर निगम की ओर से न्यायालय को बताया गया कि क्षेत्र के निवासी डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था का पालन नहीं कर रहे हैं। हालांकि, अदालत ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि जिम्मेदारी केवल निवासियों पर नहीं डाली जा सकती। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को निर्धारित की गई है।

