राजधानी लखनऊ मां के साथ आपत्तिजनक हालत में पकड़ा तो मार डाला:लखनऊ में युवक को नाबालिग चाचा संग मिलकर मारा; सिर कूंचा, चेहरा काटा

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लखनऊ में युवक की सिर कूंचकर हत्या मामले में खुलासा हो गया है। पुलिस ने बताया है कि SGPGI में कार्यरत 28 साल के संविदा सफाईकर्मी की हत्या गांव के ही युवक ने अपने नाबालिग चाचा के साथ मिलकर की थी। दोनों उसे शादी में निमंत्रण के बहाने लेकर गए। वहां ज्यादा शराब पिलाकर एक ने चापड़ से हमला कर दिया और दूसरे ने ईंट से सिर कूंच डाला था।

डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया- शनिवार को अशरफ नगर गांव के पास झील किनारे सूरज (28) का खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के भाई शुभम गौतम की तहरीर पर केस दर्ज कर तीन टीमों को जांच में लगाया गया। पुलिस ने आरोपी अनिल यादव (22) को रसूलपुर इठुरिया नाले की पुलिया के पास से गिरफ्तार किया।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में शामिल उसके नाबालिग चाचा को बाल सुधार गृह भेज दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में शामिल उसके नाबालिग चाचा को बाल सुधार गृह भेज दिया।

मामला बिजनौर थाना क्षेत्र का है। शनिवार दोपहर अशरफ नगर गांव के बाहर झील के किनारे प्लॉट पर युवक का शव मिला। युवक की पहचान सूरज गौतम (28) के रूप में हुई। वह अपने बड़े भाई शुभम और मां केशाना के साथ ननिहाल में रहता था। 15 साल पहले पिता की मौत के बाद ये लोग अपने मूल गांव गोसाईंगंज के पहाड़नगर टिकरिया से यहां चले आए थे।

मां और दोनों भाई SGPGI में संविदा पर सफाईकर्मी थे। नाना बैजू गौतम ने बेटी केशाना को घर में ही कुछ हिस्सा दे रखा है, जहां पर तीनों घर बनाकर नाना-मामा से अलग रहते थे। मां केशाना ने कहा था कि उनका किसी से विवाद नहीं है। मृतक के बड़े भाई शुभम की शिकायत पर बिजनौर थाने में अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया था।

जिस प्लॉट पर हत्या की गई, वहां की ईंटों पर खून की छींटें पड़ी थीं।
जिस प्लॉट पर हत्या की गई, वहां की ईंटों पर खून की छींटें पड़ी थीं।

मां के साथ आपत्तिजनक हालत में देखा था

पूछताछ में आरोपी अनिल यादव ने बताया कि उसकी मां का सूरज से करीब तीन साल से संबंध चल रहा है। यह बात पूरे गांव में पता है। दो महीने पहले उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। परिवार और समाज की बदनामी के डर से वह चुप रहा, लेकिन अंदर ही अंदर गुस्सा बढ़ता गया।

उसने सूरज को घर आने से रोका, फिर भी वह नहीं माना। इसके बाद उसने हत्या की साजिश रची। रिश्ते में चाचा (नाबालिग) के साथ मिलकर सूरज को शादी में चलने का बहाना बनाया। पहले उसे शराब लाने भेजा गया, फिर तीनों गांव के बाहर झील किनारे खाली प्लॉट पर पहुंचे। वहां सूरज को ज्यादा शराब पिलाई गई।

यह मृतक की मां केशाना हैं। इन्होंने कहा था कि बेटे की किसी से दुश्मनी नहीं थी।

पहले से छिपाकर रखा था चापड़

नशा बढ़ने पर अनिल ने पहले से छिपाकर रखा चापड़ निकालकर उसके चेहरे पर वार कर दिया। हमले के बाद सूरज भागने की कोशिश में गिर पड़ा। इसके बाद दोनों आरोपियों ने चापड़ और ईंट से सिर पर लगातार वार किए। तब तक हमला किया, जब तक सूरज की मौत नहीं हो गई।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ और ईंट आदि बरामद कर ली है।
पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चापड़ और ईंट आदि बरामद कर ली है।

खून धोकर शादी में शामिल हुए आरोपी

हत्या के बाद आरोपियों ने खून से सनी ईंट, चापड़ और मृतक का मोबाइल पास के खेत में फेंक दिया। इसके बाद दोनों ने अपने कपड़ों से खून के निशान धोए और उसी कपड़े में शादी समारोह में शामिल हो गए, ताकि किसी को शक न हो। इतना ही नहीं, पुलिस जांच के दौरान दोनों आरोपी घटनास्थल पर भी पहुंचे थे।

पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चापड़, खून लगी ईंट और अन्य साक्ष्य बरामद कर लिए हैं। मुख्य आरोपी अनिल यादव मॉल में स्वीपर का काम करता है, जबकि उसका साथी नौवीं कक्षा का छात्र है।

आरोपी अनिल यादव को पुलिस ने गांव से ही गिरफ्तार किया। कल सूरज की डेडबॉडी देखने के लिए यह भी भीड़ के साथ मौजूद था।
आरोपी अनिल यादव को पुलिस ने गांव से ही गिरफ्तार किया। कल सूरज की डेडबॉडी देखने के लिए यह भी भीड़ के साथ मौजूद था।

गांव में भी थी दोनों के रिश्ते की चर्चा

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि मृतक सूरज और आरोपी की मां के बीच चल रहे प्रेम संबंधों की जानकारी गांव के लोगों को भी थी। दोनों के बीच लंबे समय से मेलजोल था और सूरज का आरोपी के घर आना-जाना लगा रहता था। इसी बात को लेकर गांव में अक्सर चर्चाएं होती थीं। पुलिस के मुताबिक, यही बात आरोपी अनिल यादव को लगातार परेशान कर रही थी और उसने बदनामी के डर से हत्या की साजिश रच डाली।

डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्या का खुलासा किया।

शव देखने आरोपी भी मौके पर पहुंचा था

सूरज का शव मिलने के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई थी। इस दौरान आरोपी अनिल यादव की मां भी मौके पर पहुंची और काफी देर तक रोती-बिलखती रही। वहीं पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि शक से बचने के लिए आरोपी अनिल और उसका नाबालिग चाचा भी घटनास्थल पर पहुंचे थे।

दोनों सामान्य लोगों की तरह वहां मौजूद रहे, ताकि किसी को उन पर संदेह न हो। मामले के खुलासे के दौरान डीसीपी अमित कुमार आनंद के साथ एडीसीपी रल्लापल्ली वसंथ कुमार और एसीपी कृष्णा नगर रजनीश वर्मा भी मौजूद रहे।

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