उत्तर प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राहत एवं बचाव अभियान पूरी तत्परता से जारी है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा के साथ-साथ भोजन, चिकित्सा और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी व्यवस्थाओं को भी प्राथमिकता दी है। चित्रकूट में मंदाकिनी नदी में अचानक आई बाढ़ के बीच प्रशासन और पीएसी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पानी में फंसे करीब 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
चित्रकूट के थाना पहाड़ी क्षेत्र के ग्राम चौरा में मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। सूचना मिलते ही बाढ़ राहत दल मौके पर पहुंचा और रेस्क्यू अभियान शुरू किया। 42वीं वाहिनी पीएसी नैनी, प्रयागराज के बी दल की बाढ़ राहत ड्यूटी में तैनात प्लाटून ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग से मोटरबोट के जरिए प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकाला।रेस्क्यू अभियान के साथ ही प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और भोजन भी पहुंचाया गया। उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी, संबंधित लेखपाल और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई। प्रभावित लोगों का मेडिकल परीक्षण कराने के साथ जरूरत के अनुसार चिकित्सकीय सहायता भी दी गई।राहत आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 32 जिले अब तक बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि वर्तमान में 22 जिलों में बाढ़ का असर बना हुआ है। राहत एवं बचाव अभियान के तहत अब तक 1,528 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों के लिए 742 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। इसके अलावा 452 नाव और मोटरबोट तथा 225 मेडिकल टीमें राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। जरूरतमंद लोगों को सुरक्षित रखने के लिए 105 शरणालय संचालित किए जा रहे हैं, जहां 2,460 लोगों ने शरण ली है।सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित परिवारों को भोजन और जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराने का अभियान लगातार जारी है। राहत कार्य के तहत 1,640 बाढ़ राहत खाद्यान्न पैकेट और 16,190 लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 18 हजार से अधिक क्लोरिन पैकेट और 7 हजार से अधिक ओआरएस पैकेट भी वितरित किए गए हैं।बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। राहत कार्य के तहत 310 क्विंटल भूसा वितरित किया गया है, ताकि प्रभावित परिवारों के पशुधन को भी जरूरी सहायता मिल सके।अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, चित्रकूट, फर्रुखाबाद, गाजीपुर, गोरखपुर, हापुड़, हरदोई, कासगंज, लखीमपुर खीरी, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सीतापुर, उन्नाव और वाराणसी में बाढ़ का प्रभाव दर्ज किया गया है।योगी सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। प्रशासन को प्रभावित लोगों तक समय से भोजन, चिकित्सा सहायता और अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
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Source: Filmitics

