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इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने हाथरस कांड में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह पीड़ित परिवार को नोएडा या गाजियाबाद में आवास देने के मामले में 6 हफ्ते के भीतर निर्णय ले।
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न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश ‘गरिमापूर्ण ढंग से अंतिम संस्कार के अधिकार’ नामक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया। पीड़ित परिवार ने 2 दिसंबर 2024 को एक प्रार्थना पत्र के माध्यम से नोएडा या गाजियाबाद में आवास की मांग की थी।
सरकारी पक्ष ने कोर्ट को बताया कि 31 दिसंबर 2024 को इस मामले पर मीटिंग हुई, लेकिन अपर मुख्य सचिव (गृह) के स्थानांतरण और कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में व्यस्तता के कारण कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। सरकार ने दो महीने का समय मांगा, जिसका पीड़ित पक्ष ने विरोध किया। हालांकि, कोर्ट ने माना कि सरकार को उचित समय दिया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि यह मामला 2020 का है, जब हाथरस में एक युवती के साथ सामूहिक दुराचार हुआ और उसकी मृत्यु के बाद अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर जबरन अंतिम संस्कार कर दिया गया था। इस मामले में मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया था। अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी।




