
लखनऊ के इंदिरानगर में सूरज यादव की बेरहमी से पिटाई करके हत्या की गई थी। उसके सिर, चेहरे और सीने पर वार किया गया था। दोनों पैर के घुटनों और कंधे को भी तोड़ा गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है।
मामले के आरोपित खनन माफिया राज जायसवाल के घर में ताला लटका है। वह परिवार सहित फरार है। सप्ताह भर बाद भी पुलिस उसे गिरफ्तार करने में नाकाम साबित हुई है।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुला राज
सूरज यादव के भाई शोभित ने बताया कि पोस्टमॉर्टम की प्रारंभिक रिपोर्ट आ गई है। उससे पता चला है कि सूरज के शरीर पर छह जगह चोट लगी थी। सिर के बाएं तरफ कान के ऊपर चोट के गहरे निशान थे। सीने के पीछे की तरफ कई बार चोट पहुंचाई गई थी। दाहिने कंधे के ज्वाइंट पर चोट लगी थी। दायीं आंख और ठुड्डी में चोट लगी थी। दोनों पैर के घुटने में चोट लगी थी।

अब जानिए पूरा मामला
इंदिरानगर के जरहरा निवासी सूरज यादव पुत्र झब्बू यादव ट्रैक्टर चलाते थे। उनके भाई शोभित ने बताया 6 मई रात करीब 8:30 बजे राज जायसवाल अपने साढ़ू के साथ घर आया। सूरज को काम से ले जाने की बात कहकर अपने साथ ले गया था। गांव में ही एक शादी थी।
इसलिए सूरज की पत्नी प्रियंका ने उसे काम पर जाने से मना किया। उसने कहा कि शादी में चलेंगे। लेकिन, भाई ने सोचा कुछ काम करके आएगा, तो पैसे रहेंगे। देर रात वापस नहीं लौटा, तो परिवार को लगा कि सुबह तक आएगा।
अगले दिन सुबह सूरज का शव मिला। उसके शरीर पर मारपीट और ट्रैक्टर के पहिए के निशान थे। राज के साथ वह अक्सर खनन में ट्रैक्टर चलाने जाता था। परिवार वालों ने राज जायसवाल के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।

जिला बदर रह चुका है आरोपी राज
शोभित ने बताया- राज जायसवाल करीब 5 साल पहले जरहरा में रहने आया था। खुद को पत्रकार बताकर एचएनएन न्यूज नाम से चैनल चलाता था। पहले तो मिट्टी खनन की खबर चलाकर सबका भरोसा जीता। बोलता था अवैध खनन से इलाके में काफी नुकसान होगा इसलिए सब बंद करवा देंगे।
कुछ समय बाद राज खुद ही मिट्टी खनन का काम करने लगा। इलाके के लोगों के ट्रैक्टर किराए पर ले रखा था। कुछ लड़कों के साथ एक टीम बनाकर अवैध खनन करता था। जिसमें सूरज को भी शामिल कर रखा था।

वह पत्रकार बनकर ट्रैफिक कर्मियों से भी वसूली करता था। रात के समय भारी गाड़ियां पास करवाने का भी पैसा लेता था। आरोपी का इलाके में इतना दबदबा है कि लोग खिलाफ में बोलने को डरते हैं। हालांकि, दबी जुबान से उसकी सारी करतूतें बताते हैं। आरोपी पुलिस में पैठ दिखाकर लोगों को डराता था।
इलाके में कोई मामला हो जाए तो सुलह समझौता कराने का भी पैसा लेता था। उसके खिलाफ इंदिरा नगर सहित कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। तीन महीने के लिए जिला बदर भी किया जा चुका है।
घर में ताला बंद कर परिवार समेत फरार
राज जायसवाल परिवार को सूरज की मौत की खबर देने के बाद से गायब है। उसका परिवार भी घर में ताला लगाकर गायब हो गया है। घटना के एक हफ्ते बाद भी पुलिस को आरोपी राज का सुराग नहीं मिला है। उसका और परिवार वालों का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। एसीपी गाजीपुर अनिद्य विक्रम सिंह का है आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, टीम लगातार तलाश में जुटी है।

