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लखनऊ में समाजवादी पार्टी कार्यालय के बाहर सोमवार को एक विवादित होर्डिंग लगने से सियासी हलचल तेज हो गई। होर्डिंग में योगी सरकार के सरकारी स्कूलों के मर्जर के निर्णय को निशाने पर लिया गया है। उसमें लिखा गया है- ये कैसा रामराज्य? बंद करो पाठशाला, खोलो मधुशाला। इस होर्डिंग के जरिए अमेठी के सपा नेता जयसिंह प्रताप यादव प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार किया है।
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div class=”f46ba790″सपा कार्यालय के बाहर लगे होर्डिंग को स्कूल जा रहे बच्चों ने रुककर देखा।div
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होर्डिंग बना चर्चा का विषय
यह होर्डिंग सपा कार्यालय के बाहर जैसे ही लगा राहगीरों और नेताओं की नजर में आ गया। सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया। कुछ लोग इसे शिक्षा व्यवस्था पर हमला बता रहे हैं। वहीं कुछ इसे राजनीतिक स्टंट मान रहे हैं।
क्या है मामला?
प्रदेश सरकार ने हाल ही में छात्र संख्या के आधार पर 5000 से अधिक प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर का फैसला लिया है। सरकार का दावा है कि यह कदम शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए है। विपक्ष इस निर्णय को गरीबों के शिक्षा के अधिकार पर हमला बता रहा है।
सपा नेता का बयान जयसिंह प्रताप यादव ने कहा योगी सरकार पढ़ने वाले गरीब बच्चों से उनका स्कूल छीन रही है। एक तरफ शिक्षा का अधिकार की बात होती है, दूसरी तरफ स्कूल बंद किए जा रहे हैं। यही है रामराज्य क्या?




