लखनऊ में फर्जी IAS गिरफ्तार:6 लग्जरी गाड़ियों के काफिले में घूमता पकड़ा गया, यूपी सरकार के कई कार्यक्रमों में शामिल हो चुका

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लखनऊ में बुधवार को पुलिस ने एक फर्जी IAS को गिरफ्तार किया है। वह यूपी सरकार के कई कार्यक्रमों में बतौर विशेष सचिव शामिल हो चुका है। इसके अलावा दूसरे राज्यों के सरकारी कार्यक्रमों में केंद्र सरकार का सचिव बनकर शामिल होता था। उसने यह बात पुलिस के सामने कबूल की है।

फर्जी IAS की पहचान सौरभ त्रिपाठी के रूप में हुई है। वह खुद को अफसर बताकर पहले लोगों को रौब में लेता था, फिर उनको ठगता था। वजीरगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि चेकिंग के दौरान कारगिल शहीद पार्क के पास से सौरभ को पकड़ा गया।

वह पुलिस पर रौब झाड़ने की कोशिश कर रहा था। उसकी हरकतों पर शक होने पर जब सख्ती से पूछताछ और दस्तावेजों की जांच की गई, तो उसके फर्जी IAS होने का पता चला।

सौरभ त्रिपाठी (हरे रंग की टी-शर्ट में) उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार का कैबिनेट सचिव बनकर पहुंचा था।
सौरभ त्रिपाठी (हरे रंग की टी-शर्ट में) उत्तराखंड के एक कार्यक्रम में केंद्र सरकार का कैबिनेट सचिव बनकर पहुंचा था।

सोशल मीडिया पर बनाईं कई फर्जी प्रोफाइल

सौरभ त्रिपाठी सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग नाम से एक्टिव था। किसी पोस्ट पर वह खुद को कैबिनेट स्पेशल सेक्रेटरी, भारत सरकार, तो किसी प्रोफाइल पर सेक्रेटरी अर्बन-रूरल डेवलपमेंट यूपी लिखकर वह लोगों को भ्रमित करता था।

जांच में पता चला है कि सौरभ कई सरकारी कार्यक्रमों में भी जा चुका है। वहां बड़े अधिकारियों के बीच फोटो खिंचवाकर उसने अपना रौब जमाया। अपनी कई पोस्ट में उसने खुद को आईएएस ही बताया। सौरभ न सिर्फ उत्तर प्रदेश, बल्कि अन्य राज्यों में भी प्रोटोकॉल का इस्तेमाल कर फर्जी दौरे कर चुका है।

उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग की बैठक में यह फर्जी IAS शामिल हो चुका है।
उत्तर प्रदेश के नगर विकास विभाग की बैठक में यह फर्जी IAS शामिल हो चुका है।

लग्जरी गाड़ियों से चलता था, फर्जी पास भी मिला

पुलिस ने सौरभ त्रिपाठी के पास से डिफेंडर, फॉर्च्यूनर और इनोवा जैसी कुल 6 लग्जरी गाड़ियां बरामद की हैं। जांच में इन गाड़ियों पर लगे सरकारी पास भी फर्जी पाए गए हैं। आरोपी इन गाड़ियों और पदवी का इस्तेमाल कर सरकारी अधिकारी बनकर लोगों को धोखे में रखता था।

कई राज्यों में कर चुका है ठगी, नेटवर्क की हो रही जांच

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सौरभ ने अलग-अलग राज्यों और जिलों में फर्जी पहचान और दस्तावेजों के जरिए सरकारी सुविधाएं हासिल कीं। साथ ही लोगों से पैसे और अन्य सेवाओं की भी ठगी की। पुलिस अब उसके नेटवर्क और फर्जी दस्तावेजों की गहनता से जांच कर रही है।

मऊ जिले का मूल निवासी, कुल 3 पते

सौरभ त्रिपाठी मूलरूप से मऊ जिले का रहने वाला है। उसके घर का पता नियर फातिमा अस्पताल, इमलिया मऊ, बीटीसी स्कूल के सामने थाना सराय लखन्सी है। सौरभ का दूसरा पता, ए-101-गरिमा विहार सेक्टर-35 नोएडा, थाना सेक्टर-24 है। तीसरा पता लखनऊ का है। यहां वह गोमतीनगर विस्तार के शालीमार वनवर्ड में ब्रिगेडियर कोट-1 में रहता है।

आरोपी ने सोशल मीडिया पर कई प्रोफाइल बनाई हैं।
आरोपी ने सोशल मीडिया पर कई प्रोफाइल बनाई हैं।

22 दिन पहले नोएडा में फर्जी इंटरनेशनल थाना पकड़ा गया था

नोएडा में पुलिस ने 22 दिन पहले फर्जी इंटरनेशनल थाने का भंडाफोड़ किया। ‘इंटरनेशनल पुलिस एंड क्राइम इंवेस्टिगेशन ब्यूरो’ के नाम से इसे संचालित किया जा रहा था। खुद को विदेशी पुलिस या CIB का अधिकारी बताते थे। फेस-3 थाने की पुलिस ने रविवार को सेक्टर-70 के फर्जी कार्यालय पर छापा मारकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने मौके से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, पहचान पत्र, पासबुक और चेकबुक बरामद किए हैं। पकड़े गए सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि हाल में ही इस कार्यालय को खोला गया था।

नोएडा पुलिस ने फर्जी पुलिस कार्यालय में छापा मारकर वहां काम कर रहे 6 लोगों को पकड़ा। थाने से कई मंत्रालय की मोहरें बरामद हुईं।
नोएडा पुलिस ने फर्जी पुलिस कार्यालय में छापा मारकर वहां काम कर रहे 6 लोगों को पकड़ा। थाने से कई मंत्रालय की मोहरें बरामद हुईं।

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