
फिर हम दोनों पति-पत्नी की तरह रहने लगे। बेटी पैदा होने के बाद एक दिन वह दवाई लेने घर से निकला फिर वापस नहीं लौटा। उसके दोस्तों से संपर्क किया तो उन्होंने ब्लॉक कर दिया। बड़ी मुश्किल से उससे फोन पर बात हुई तो बोलता है तुम्हें अपना नहीं सकता। जाकर मां-बेटी कहीं मर जाओ। महीने भर से भटक रही हूं। अब बेटी को दूध पिलाने तक के पैसे नहीं बचे हैं।
यह कहते-कहते बाराबंकी की रहने वाली प्रिया (बदला नाम) की आंखों से आंसू छलक आए। उसने रोते हुए बताया- कैब ड्राइवर आदित्य ने उसे अपने प्रेम के जाल में फंसाया। शारीरिक शोषण किया। प्रेग्नेंट होने पर भरोसे में लेकर मंदिर में शादी की। बेटी का जन्म होने के बाद छोड़कर चला गया। अब वह न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही है। विभूति खंड स्थित सहायक पुलिस आयुक्त के ऑफिस आई पीड़िता से UPLIVE.NEWS ने बातचीत की।

मेलूपुर बाराबंकी की रहने वाली प्रिया दिसंबर 2022 में लखनऊ आई थी। नौबस्ता चिनहट इलाके में किराए का कमरा लेकर नीट की तैयारी कर रही थी। कोचिंग गोमतीनगर इलाके में थी। वह कोचिंग कैब से जाती थी। जुलाई 2023 में उसने कैब बुक की। कैब लेकर बाराबंकी के रहने वाला आदित्य यादव आया। आदित्य ने अपनी बातों में फंसाकर उसको रोजाना लाने ले जाने की बात कही।
रोजाना कैब बुक करने की वजह से युवती को उसकी बात सही लगी और हां कर दी। इसके बाद आदित्य युवती को घर से कोचिंग छोड़ने जाने लगा। इस दौरान दोनों में बातचीत हुई और दोस्ती हो गई। प्रिया ने कार सीखने की इच्छा जाहिर की। इस पर आदित्य ने फ्री में गाड़ी चलानी सिखाई। गाड़ी सिखाने के दौरान आदित्य अक्सर प्यार मोहब्बत की बात करता था। लेकिन प्रिया उसे अनदेखा करती रही।

अब पढ़िए पीड़िता की
प्रेमजाल में फंसाकर मंदिर में शादी की
प्रिया ने बताया- आदित्य लगातार प्यार का इजहार करता रहा। मैंने उससे परिवार से मिलवाने की बात कही तो बोला जल्द मिलवा देगा। भरोसा दिलाकर नजदीकियां बढ़ा ली। इसके बाद हर जगह साथ आने-जाने लगा। इस दौरान एक दिन बहाने से अपने कमरे में ले गया।
चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। मैं बेसुध हो गई। नशे की हालत में उसने शारीरिक संबंध बनाए। जब होश आया तो कुछ समझ नहीं पाई। एक माह पता कि मैं प्रेग्नेंट हूं। इस पर आदित्य ने शादी का प्रस्ताव रखा। जिसे मैंने मान लिया। फिर चंद्रिका देवी मंदिर में शादी कर ली।

प्रेग्नेंट होने के एक महीने बाद तक मिलता रहा
प्रिया ने बताया- घटना के एक महीने तक आदित्य उसको कैब से लाता ले जाता रहा। जब उसे मेरी प्रेग्नेंसी का पता चला तो फैमिली प्लानिंग की। बोला इस बच्चे को पालेंगे। उसके भरोसे में आकर तैयार हो गई।
शुरुआत के पांच महीने बाराबंकी में अपने घर पर रही। फिर प्रेग्नेंसी की वजह से पेट बढ़ने लगा। इसके बाद घर आना-जाना बंद करना पड़ा। सोचा कि बाद में परिवार को सब बताकर ठीक कर लेंगे। इस दौरान कई बार आदित्य से अपने घर लेकर चलने को कहा, लेकिन वह टालता रहा। हालांकि, आदित्य साथ में रहकर इलाज कराता रहा।

2 फरवरी को निजी अस्पताल में बेटी को जन्म दिया। इसके बाद आदित्य अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर रूम पर ले गया। नौबस्ता में तीसरी मंजिल पर कमरा लेकर रखा। वहां तीन दिन तक साथ रहा। फिर दवा लेने की बात Abcd घर से निकला, लेकिन वापस नहीं लौटा।
बच्चे और मुझे अपनाने से मना कर दिया
मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन स्विच ऑफ आया। कई बार प्रयास करने पर बात हुई तो अपनाने से मना कर दिया। बच्चे का हवाला देकर वापस बुलाया तो कहने लगा कि तुम पत्नी नहीं हो। अपनी बेटी के साथ जाकर मर जाओ। फिर अपना मोबाइल स्वीच ऑफ कर लिया। इसके बाद पुलिस के पास शिकायत की है।

प्रिया बोली- मेरी मां को कुछ नहीं पता
प्रिया ने बताया- परिवार में सिर्फ मां हैं। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। इस धोखे के बाद काफी टूट गई हूं। अब घर में खाने के लिए चावल का दाना नहीं है। बच्ची की जरूरत के सामान तक नहीं ले पा रही हूं। दूध पिलाने तक के रुपए नहीं बचे हैं।

पुलिस नहीं कर रही कार्रवाई
प्रिया ने मामले की चिनहट थाने, एसीपी विभूति खंड को लिखित शिकायत दी। दोनों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर प्रिया ने 18 फरवरी को ज्वाइंट सीपी बबलू कुमार से मिलकर शिकायत की। उनसे मामले में कार्रवाई की मांग की। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एसएचओ चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पीड़ित छात्रा का कहना है कि बेटी के जन्म के बाद से पति गायब है। उसके परिवार वाले भी धमकी दे रहे थे। उन्होंने बताया कि छात्रा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज की गई है। जांच में जो साक्ष्य सामने आएंगे उसे विवेचना में जोड़कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी

