Skip to content
September 24, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
अंतराष्ट्रीय

ATS अफसर बनकर 90 लाख ठगने वाले 2 ठग गिरफ्तार:जयपुर में बैठकर गिरोह चला रहा सरगना, 3 सदस्य पहले दबोचे गए थे

March 2, 2026 · admin · 1 मिनट पढ़ें

div class=”a88a1c42″

div
div class=”f3e032cb” div class=”a330ff56″div
div
div class=”f46ba790″div
div class=”fe1b7d06″div

लखनऊ में ATS अधिकारी बनकर दंपती से करीब 90 लाख की साइबर ठगी करने वाले 2 और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले इस मामले में 3 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div

इंस्पेक्टर बृजेश यादव ने बताया- 26 जनवरी 2026 को वीना बाजपेयी के मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया और आतंकवाद व मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी दी।

इसके बाद पीड़ित वीना और उनके पति को सिग्नल ऐप डाउनलोड कर संपर्क में रहने को कहा गया। ऐप पर अजय प्रताप श्रीवास्तव नाम के व्यक्ति ने खुद को एटीएस अधिकारी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के फर्जी आदेश और सीजर दस्तावेज दिखाए। उसने गिरफ्तारी से बचाने और खातों की जांच पूरी करने के नाम पर रकम ट्रांसफर कराने का दबाव बनाया।

div class=”f3e032cb “div

div class=”f46ba790″लखनऊ में ATS अधिकारी बनकर दंपती से करीब 90 लाख की साइबर ठगी करने वाले 2 और आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।div

div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID2_300x250″ class=”fbad50ce”div
div

11 दिन में ट्रांसफर करा लिए 90 लाख

भय और मानसिक दबाव में आकर पीड़ित परिवार से 29 जनवरी से 9 फरवरी 2026 के बीच आरटीजीएस के जरिए अलग-अलग खातों में कुल 90 लाख ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में आरोपियों ने 11 लाख और मांगे। असमर्थता जताने पर गाली-गलौज करते हुए जान-माल की धमकी दी गई।

दो आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

मामले की जांच कर रही पुलिस टीमों ने सीकर राजस्थान निवासी मनोज यादव (21) और जितेंद्र यादव उर्फ जीतू (23) को गिरफ्तार किया है। इससे पहले 17 फरवरी को पुलिस मयंक श्रीवास्तव, इरशाद और मनीष कुमार को पकड़ चुकी है।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने शुरुआत में खुद को निर्दोष बताया और कहा कि उन्हें लालच व डर दिखाकर जोड़ा गया था। उन्होंने दावा किया कि जयपुर में रहने वाला एक युवक उन्हें निर्देश देता था।

div class=”f3e032cb “पुलिस की सख्त पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पैसों के लालच में साइबर ठगी गिरोह से जुड़े थे।div
div class=”f46ba790″पुलिस की सख्त पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पैसों के लालच में साइबर ठगी गिरोह से जुड़े थे।div

पुलिस की सख्त पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पैसों के लालच में साइबर ठगी गिरोह से जुड़े थे। वैभव श्रीवास्तव नाम के युवक के निर्देश पर बैंक खातों व पैसों के लेनदेन का काम करते थे। दोनों ने माना कि मुख्य आरोपी का नाम पहले छुपाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की गई थी।

ऐसे काम करता था गिरोह

पुलिस ने बताया कि गैंग के सदस्य सोशल मीडिया, कॉल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से शिकार तलाशते थे। खुद को सरकारी अधिकारी या विश्वसनीय संस्था बताकर भरोसा जीतते थे। लालच या भय का माहौल बनाकर रकम ट्रांसफर कराते थे। रकम लेने के लिए फर्जी या किराए के बैंक खातों का इस्तेमाल होता था।

मुख्य सरगना जयपुर या अन्य स्थान से नेटवर्क संचालित करता था। काम के बाद मोबाइल नंबर बदलना, चैट डिलीट करना और फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के मुताबिक, गिरोह बड़े नेटवर्क के जरिए काम करता था। स्थानीय सहयोगियों को कमीशन दिया जाता था। मुख्य संचालक की तलाश में टीमें लगी हैं।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें