लखनऊ के गोमतीनगर स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही ?

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लखनऊ के गोमतीनगर स्थित रीजनल पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वीटीएस (विस्फोटक जांच टीम) मौके पर पहुंच गई और पूरे परिसर की जांच शुरू कर दी।

इलाके में चौकसी बढ़ा दी गई है। आसपास के इलाकों में सख्ती बढ़ा दी गई है। फिलहाल ऑफिस में किसी की भी आवाजाही पर रोक लगा दी गई वहां मौजूद हर व्यक्ति और सामान की जांच की जा रही है

पासपोर्ट ऑफिस के अंदर डॉग स्क्वायड टीम पड़ताल कर रही है।
पासपोर्ट ऑफिस के अंदर डॉग स्क्वायड टीम पड़ताल कर रही है।
ऑफिस की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की भी जांच की जा रही है।
ऑफिस की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों की भी जांच की जा रही है।

मौके पर पहुंची पुलिस और जांच टीम

धमकी की सूचना मिलते ही गोमतीनगर पुलिस और वीटीएस की टीम तुरंत हरकत में आ गई। टीम ने पासपोर्ट कार्यालय के अंदर और आसपास के इलाकों में सघन चेकिंग अभियान चलाया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पासपोर्ट कार्यालय में आने-जाने वाले लोगों की सघन जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

धमकी के स्रोत की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी किस माध्यम से दी गई और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं इसकी जांच की जा रही है। तकनीकी टीम भी इस मामले में जुटी हुई है।

 

अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन किसी भी संभावित खतरे को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

यही ईमेल पासपोर्ट ऑफिस को मिला।
धमकी में लिखा- ऑफिस उड़ जाएगा

पासपोर्ट ऑफिस को जो ईमेल मिला है उसमें लिखा है- पाकिस्तान के जासूसों, वॉशरूम में 19 साइनाइड गैस बम लगाए गए हैं, जो दोपहर 2:10 बजे फटेंगे। ईमेल में कर्मचारियों को तत्काल बाहर निकलने और नाक-मुंह ढकने की चेतावनी दी जा रही है।

तमिलनाडु के मीडिया मालिक ज्यादातर बहुत ही गरीब हैं। NGO और PETA और फॉर्ड फाउंडेशन जैसे अपने निजी स्वार्थ वाले संगठनों के पास विदेशी मुद्रा में कुछ चंदे से भी अधिक पैसे हैं। वे अपने पैसे से तमिलनाडु में इन विदेशी एजेंडों को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं

जिन देशों को सबसे ज्यादा विदेशी चंदा मिला है वे इस्लामिक स्टेट और DMK हैं। इस समय इन दोनों ट्रस्टों की कमा तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन के हाथ में है। फिर इन अरबों डॉलर के ट्रस्टों का इस्तेमाल वोट खरीदने, मीडिया को खरीदने, अखबारों को खरीदने पत्रकारों को खरीदने, और यहां तक कि सरकारी अफसरों (ब्यूरोक्रेट्स) को खरीदने के लिए किया जाता है।

इसलिए अगर कोई चुनावी लड़ाई चल रही होती तो तमिलनाडु को ऐसे राजनीतिक परिदृश्य पर युद्ध (पानी उद्यमियों) के आगे सिर झुकाना ही होता है। इसलिए हम तमिल मीडिया संगठनों ने ये फैसला किया है कि अब हम चुनाव जैसे लोकतांत्रिक तरीकों को छोड़कर, गोलियों और बमों के जरिए मां तमिलनाडु की रक्षा करेंगे।

रीजनल पासपोर्ट ऑफिसर शुभम सिंह ने कहा- ऐसे ईमेल आते रहते हैं

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