
बहराइच के कतर्नियाघाट क्षेत्र में एक बार फिर जंगली हाथी का आतंक देखने को मिला है। भवानीपुर गांव में रविवार सुबह करीब 10:30 बजे एक टस्कर हाथी ने 80 वर्षीय महिला कुवारिया के ऊपर हमला कर दिया। इस हमले में महिला की मौत हो गई।
महिला जंगल किनारे खेत में बकरी चरा रही थीं, तभी हाथी ने अचानक हमला कर दिया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को किसी तरह जंगल की ओर भगाया। इससे पहले भी वही हाथी गांव के खेतों में उत्पात मचा चुका था।



कतर्नियाघाट रेंज के भवानीपुर गांव में इतवारी अपनी पत्नी कुवारिया के साथ रहते हैं। इनके तीन बेटे और दो बेटियां हैं। पांचों की शादी हो गई है। तीनों बेटे मजदूरी करके घर का खर्च चलाते हैं। शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे कुवारिया (80) जंगल के किनारे स्थित खेत में बकरी चराने गई थीं।
उसी समय जंगल से एक टस्कर हाथी निकला। बुजुर्ग महिला जब तक भाग पाती तब तक महिला ने हमला कर दिया। हाथी ने महिला को पैरों तले रौंद दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला के चेहरे और सीने पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं।
महिला के चीखने की आवाज सुनकर स्थानीय लोग दौड़ पड़े। लोगों ने शोर मचाकर हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा। इसके बाद गांव के किनारे खेत से महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद किया गया। घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और पुलिस को दी गई।

सूचना पर वन दरोगा राधेश्याम, वन रक्षक संतोष कुमार और वाचर सुनील गौड़ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। वहीं थानाध्यक्ष प्रकाश चंद्र शर्मा और चौकी इंचार्ज मंजेश कुमार ने भी पहुंचकर शव का पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
हल्दी के खेत में हाथी ने मचाया था उत्पात
मुरली ने बताया, “सुबह ही यह हाथी मेरे हल्दी के खेत में घुस आया था और काफी नुकसान किया। हम लोग किसी तरह उसे भगाने की कोशिश कर रहे थे, तभी कुछ देर बाद उसने गांव की बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद से पूरे गांव में डर का माहौल है।”
वन दरोगा राधेश्याम ने बताया
घटना की जांच की गई है। घटनास्थल के पास हाथी के पगचिह्न मिले हैं। जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।

