रुपईडीहा में भारी अतिक्रमण। अतिक्रमण के चलते पैदल चलना हुआ मोहाल।

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रुपईडीहा बहराइच। पूरा रुपईडीहा बाजार अतिक्रमण का शिकार है। इससे नेपाल से आने वाले ग्राहकों व यात्रियों को भारी संकटों का सामना करना पड़ रहा है। एक दूसरे की होड़ में अगल बगल के दुकानदारों ने अपने अपने फड़ें 10 से 15 हजार रुपये प्रतिमाह तक किराए पर दे रखीं हैं। इससे रुपईडीहा बाजार सुबह 9 से शाम 5 बजे तक जाम रहता है।


लगभग आधा दर्जन समाचार पत्रों में खबर छपने के बाद आदर्श नगर पंचायत रुपईडीहा के ईओ रंग बहादुर सिंह व तत्कालीन उपजिलाधिकारी नानपारा अश्विनी पांडेय से की गई जनशिकायतों के बाद गत 7 जनवरी को तत्कालीन एसडीएम अश्विनी पांडेय, ईओ रंग बहादुर सिंह, तहसीलदार अजय यादव व स्थानीय पुलिस ने बाजार में पहुंच कर रेलवे स्टेशन मार्ग से आंशिक कब्जा हटवाने का बेमन से प्रयास किया। इक्का दुक्का टिनें उजाड़ी गईं। मुख्य अतिक्रमण कारी ठेले लेकर भाग गए। नालियों के दोनो ओर का अतिक्रमण नही हटा।

स्थिति उससे भी बदतर हो गयी। आजाद रोड व नेपालगंज रोड के चौराहे पर आर्यावर्त बैंक के वाहन खड़े हो जाते हैं। कोने पर दुकानों का भारी अतिक्रमण है। जिससे आएदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। पचासों रोडवेज की बसें नित्य इस मार्ग से आती व जाती हैं। इनमें दिल्ली, हरिद्वार, जयपुर, शिमला, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी व लखनऊ आदि के लिए बसों का आना जाना लगा रहता है।

इन बसों को डिपो से सेंट्रल बैंक चौराहे पर पहुंचने में मात्र 3 सौ मीटर का रास्ता आधा से पौन घंटे में तय करना पड़ रहा है। और तो और एनएच 927 पर एसएसबी कैम्प से लेकर चकियारोड चौराहे तक दोनो ओर सड़क भारी अतिक्रमण का शिकार है। यह रोड भारत नेपाल के बीच जीवन रेखा का काम करती है। नेपाली नागरिकों का दिन रात आना जाना लगा रहता है। नेपाल से लखनऊ जाने वाली एम्बुलेंस तड़पते मरीजों को लिए खड़ी रहती है। परंतु अतिक्रमण को लेकर जिम्मेदार आंखे बंद किये हुए हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि इसके लिए ईओ व तहसील प्रशासन जिम्मेदार है। ये लोग मदद मांगे तो हमलोग मदद देने के लिए भी तैयार हैं। कस्बा वासियों ने संबंधित अधिकारियों से अतिक्रमण हटवाने की मांग की है।

नीरज कुमार बरनवाल रुपईडीहा
14/2/2025

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