
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने स्कूलों के खुलने और बंद होने के समय लगने वाले ट्रैफिक जाम से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।
न्यायालय ने कुछ स्कूलों के आसपास यातायात व्यवस्था में सुधार पाया, जबकि एक स्कूल को अभी और प्रयास करने की आवश्यकता बताई। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 30 मार्च को तय की है और डीसीपी, ट्रैफिक को मार्शलों की तैनाती तथा उनके प्रभाव पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
न्यायालय द्वारा नियुक्त न्याय मित्र, वरिष्ठ अधिवक्ता जेएन माथुर ने पीठ को सूचित किया कि ला मार्टिनियर गर्ल्स कॉलेज, लोरेटो कॉन्वेंट कॉलेज और सिटी मॉन्टेसरी स्कूल्स के आसपास ट्रैफिक व्यवस्था में काफी सुधार हुआ है। हालांकि, विनीत खंड स्थित सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल द्वारा अभी भी पर्याप्त प्रयास किए जाने की जरूरत है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय को यह भी बताया गया कि 18 स्कूलों ने कुल 180 लोगों को मार्शल ट्रेनिंग के लिए भेजा है। पुलिस द्वारा मार्शलों को दी जा रही ट्रेनिंग 12 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी, जिसके बाद उन्हें स्कूलों के पास तैनात किया जाएगा।
यह आदेश न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने वर्ष 2020 में गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स द्वारा दाखिल की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया। इस याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायालय ने स्कूलों के कारण होने वाले ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए पूर्व में भी कई निर्देश दिए हैं।

