
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में 14 साल की किशोरी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। किशोरी इलाके के एक घर में काम करती थी। वहीं पर अचेत अवस्था में मिली। सूचना पर पहुंचे परिवार ने मकान मालिक पर रेप के बाद हत्या का आरोप लगाया।
वहां से डेडबॉडी उठाकर ठाकुरगंज थाने पहुंच गए। वहां पर बेटी के साथ रेप का आरोप लगाते हुए थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन नहीं माने। उच्च अधिकारियों के पहुंचने पर लोगों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए छोड़ा।

सीतापुर का रहने वाला है परिवार
रेउसा सीतापुर निवासी युवक लखनऊ के बालागंज ठाकुरगंज में परिवार के साथ रहता है। युवक मजदूरी करके अपना परिवार चलाता है। उसकी 14 साल की बेटी रेलवे कॉलोनी बालागंज में राघव नाम के व्यक्ति के घर में रहकर एक साल से झाड़ू-पोंछा कर रही थी।
रविवार सुबह राघव की मां उषा ने फोन पर बताया कि बेटी ने आत्महत्या कर ली है। खबर सुनकर राघव के घर गए तो देखा कि उनकी बेटी बेड पर लेटी है। उन्होंने वजह जाननी चाहिए तो कुछ साफ जवाब नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने बेटी के साथ रेप के बाद हत्या करने का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज थाने में शिकायत दी।
डीसीपी पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया है प्रथमदृष्टया मामला सुसाइड का सामने आ रहा है। परिजनों की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।

दो पहले मिलने आई थी मां से
पीड़ित पिता ने बताया कि किशोरी ऊमा के घर रूक जाती थी। दो दिन पूर्व वह मां से मिलने आई थी। बातचीत के दौरान वह परेशान लग रही थी। मां के पूछने पर उसने कुछ नहीं बताया। करीब दो घंटे रूकने के बाद वह ऊमा के घर लौट गई थी। वह पांच भाइयों में सबसे छोटी थी।
घर में ताला लगाकर भागे आरोपी
पीड़ित भाई ने बताया कि घटना की सूचना पाकर परिवारीजन ऊमा के घर पहुंच गए। ऊमा ने उन्हें घर के अंदर जाने नहीं दिया। शव के साथ पीड़ित परिवारीजन पोस्टमॉर्टम हाऊस पहुंच गए। इस बीच ऊमा घर में ताला लगाकर परिवारीजनों के साथ भाग निकली। ऊमा के भाग निकलने पर परिवारीजनों का शक गहरा गया। आरोपित के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ितों ने बालागंज चौराहे पर जाम लगा दिया।
दोनों पैरों में दिखे कसाव के निशान
किशोरी के गले के अलावा दोनों पैरों में ऐढ़ी के ऊपर भी कसाव के निशान मिले हैं। जो कि रस्सी या किसी कपड़े से बांधे जाने के लग रहे हैं। दोनों हथेलियों में संघर्ष करने के निशान साफ तौर पर दिख रहे हैं। जानकारों का मानना है कि घटना के दौरान किशोरी ने संघर्ष किया था। पीड़ित भाई ने बताया कि ऊमा और उनके पति बुजुर्ग हैं। घर में उनके अलावा बेटा राघव रहता है और एक महिला खाना बनाने आती है।

