Skip to content
September 25, 2026
ब्रेकिंग न्यूज़
मां को गालियां दीं, लेकिन मैं उन्हें माफ करता हूं… जंतर-मंतर प्रदर्शन पर पीएम मोदी की देश से बड़ी अपील, राष्ट्रपति ने पेपर लीक कानून संशोधन को दी मंजूरी, राज्यों में फास्ट ट्रैक अदालतों का रास्ता साफ *RBI का नया नियम : अब बैंकों को अपनी सभी शाखाओं में जमा पर देना होगा एकसमान ब्याज, चाहे सरकारी हो या प्राइवेट… अब चढ़ावा आठ सदस्यीय निगरानी टीम के हवाले, नई व्यवस्था 25 जुलाई से लागू विदिशा ट्रस्ट ने ‘वाइब्रेंट विदिशा’ के 15वें संस्करण का आयोजन किया; लखनऊ के गोमतीनगर क्षेत्र स्थित हुसड़िया चौराहे के पास एक पेट्रोल पंप पर पेट्रोल कम डालने के आरोप को लेकर विवाद हिंसक हो गया। बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र में मोहर्रम का जुलूस देख रहे एक युवक पर पुरानी रंजिश के चलते चाकू से हमला किया गया। विश्व योग दिवस पर प्रेरणा वाटिका पार्क में हुआ भव्य योग कार्यक्रम।
अंतराष्ट्रीय

हैदरगढ़ टोल प्लाजा की घटना पर नाराज हुए वकील:लखनऊ में संयुक्त बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सख्त कार्रवाई की मांग

January 16, 2026 · admin · 1 मिनट पढ़ें

div class=”a88a1c42″

div
div class=”f3e032cb”div
div class=”f46ba790″div
div class=”fe1b7d06″div

बाराबंकी के हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ हुई मारपीट के बाद पूरे प्रदेश में अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। इस पूरे मामले को लेकर लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम 4:30 बजे एक संयुक्त बैठक बुलाई है। वहीं घटना के अगले ही दिन लखनऊ समेत उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से अधिवक्ता बाराबंकी पहुंचे और हैदरगढ़ टोल प्लाजा के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

div class=” cf559a0e b06c8b9b ”
div id=”Ad–28928716–Bhaskar–Article–M.DAB_AS_MID_300x250″ class=”fbad50ce”div
div

प्रदर्शन के चलते टोल प्लाजा पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया, जबकि मौके पर भारी पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहे।

div class=”f3e032cb “div
div class=”f46ba790″div

हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर रास्ता जाम, पुलिस तैनात

अधिवक्ताओं के प्रदर्शन के कारण हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर आने-जाने का रास्ता पूरी तरह ब्लॉक हो गया। हालात को नियंत्रित करने के लिए बाराबंकी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। अधिवक्ताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, आंदोलन जारी रहेगा।

div class=”f3e032cb “div
div class=”f46ba790″div

पांच आरोपियों को जेल, लेकिन कार्रवाई से असंतोष

पुलिस ने अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला से मारपीट के मामले में चार नामजद समेत कुल पांच आरोपियों को जेल भेज दिया है। इसके बावजूद अधिवक्ताओं का कहना है कि कार्रवाई अधूरी है। उनका आरोप है कि घटना के लिए जिम्मेदार चौकी इंचार्ज और अन्य टोलकर्मियों पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

चौकी इंचार्ज के निलंबन की मांग

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने साफ कहा कि दोषी चौकी इंचार्ज इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही टोल प्लाजा पर मारपीट में शामिल अन्य टोलकर्मियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

div class=”f3e032cb “div
div class=”f46ba790″div

लखनऊ बार एसोसिएशन की आपात बैठक बुलाई

इस पूरे मामले को लेकर लखनऊ बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने शुक्रवार शाम 4:30 बजे एक संयुक्त बैठक बुलाई है। यह बैठक लखनऊ बार एसोसिएशन के कार्यालय स्थित विवेकानंद सभागार में होगी, जिसमें आगे की रणनीति पर निर्णय लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री को भेजा गया कड़ा पत्र

लखनऊ बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर टोल प्लाजा पर बढ़ती हिंसा पर गहरा रोष जताया है। पत्र में 14 जनवरी 2026 को हैदरगढ़ टोल प्लाजा पर अधिवक्ता रत्नेश शुक्ला के साथ हुई मारपीट को बर्बर और अस्वीकार्य बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।

टोल प्लाजा पर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

पत्र में कहा गया है कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि टोल कर्मियों ने अधिवक्ता को घेरकर पीटा, गाली-गलौज की और माफी मांगने के लिए मजबूर किया। इससे टोल प्रबंधन की गुंडागर्दी और कानून व्यवस्था की विफलता उजागर होती है।

कड़े सुरक्षा और कानूनी उपायों की मांग

लखनऊ बार एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सभी टोल प्लाजा पर स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की जाए और सीसीटीवी की 24 घंटे निगरानी हो। एनएचएआई के अनुबंधों में सुरक्षा संबंधी सख्त प्रावधान जोड़े जाएं और उल्लंघन पर टोल प्लाजा संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

रासुका लगाने की भी मांग

अधिवक्ताओं ने रत्नेश शुक्ला प्रकरण में दोषी टोल कर्मियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सभी टोल प्लाजा हिंसा मामलों में तत्काल एफआईआर, लाइसेंस निरस्तीकरण और दोषियों को ब्लैकलिस्ट करने की मांग उठाई गई है।

संयुक्त बार संगठनों की बैठक तय

टोल प्लाजा की घटनाओं और अधिवक्ता हितों को लेकर अवध बार एसोसिएशन, सेंट्रल बार एसोसिएशन और लखनऊ बार एसोसिएशन की संयुक्त बैठक भी प्रस्तावित है। बैठक में आंदोलन की आगे की रूपरेखा और सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति तय की जाएगी।

कानून व्यवस्था पर खड़े हुए सवाल

हैदरगढ़ टोल कांड के बाद अधिवक्ताओं का कहना है कि यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि प्रदेश में टोल प्लाजा पर लगातार हो रही हिंसा की कड़ी है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो अधिवक्ता समुदाय और आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ती रहेगी।

शेयर करें:

संबंधित खबरें

और खबरें