सपा पार्षद ममता रावत ने अपने समर्थकों के साथ बीबीडी थाने पर धरना दिया। वह सुभासपा विधायक बेदी राम पर मुकदमा नहीं दर्ज होने को लेकर नाराज हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि जब तक विधायक के खिलाफ मुकदमा नहीं दर्ज हो जाएगा, थाने से नहीं हटेंगी।उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश था। वे विधायक बेदी राम मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। समर्थकों का कहना था कि टेंट मंगवाकर धरना देंगे। इससे थाने पर गहमागहमी की स्थिति बन गई। महिला पार्षद और समर्थकों के तेवर देखकर पुलिस ने कार्रवाई के लिए पांच दिन की मोहलत मांगी है। इसके बाद धरना समाप्त हो गया



शनिवार को दी थी शिकायत
सपा पार्षद ममता रावत ने 7, फरवरी, शनिवार को विधायक बेदी राम के खिलाफ बीबीडी थाने में शिकायत दी थी। उनका आरोप है कि पुलिस ने मामले में मुकदमा नहीं दर्ज किया है। इस पर 8 फरवरी को वह अपने समर्थकों के साथ बीबीडी थाने आई थीं।
पार्षद ममता रावत का कहना है कि सुभासपा विधायक बेदीराम ने मेरे लिए अभद्र भाषा का प्रयोग किया है। गालियां दी हैं। उन्होंने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से भी इस संबंध में अवगत कराया है। मेयर सुषमा खर्कवाल को भी लिखित में शिकायत दे चुकी हैं। नगर निगम की ओर से भी आज विधायक बेदी राम के खिलाफ शिकायत दी जा सकती है।

FIR कराऊंगी और धरना भी दूंगी
ममता रावत ने इस प्रकरण को लेकर काफी आक्रोशि हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा- विधायक बेदी राम ने मुझे गालियां दी हैं। मैं इसकी FIR कराउंगी। कार्रवाई नहीं होने पर धरना दूंगी। विधायक का यह अधिकार नहीं है कि एक महिला पार्षद को गालियां दें।
पार्षद ममता रावत विधायक बेदी राम के खिलाफ FIR कराने पहुंची थीं।
गोमतीनगर के भरवारा के गंगोत्री विहार फेज-टू में नाले पर अवैध कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है। यहां सुभाषपा विधायक बेदीराम का मैरिज हॉल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि विधायक ने नाले की जमीन पर कब्जा कर रखा है।
6 फरवरी को बेदीराम का एक वीडियो सामने आया था। आरोप है कि इस वीडियो में विधायक फोन पर लेखपाल कौशल को डांट-फटकार रहे हैं। कह रहे हैं कि तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, वहां जाने की? नौकरी करना मुश्किल कर दूंगा।

इस पर जब लेखपाल स्थानीय महिला पार्षद ममता रावत के कहने पर कार्रवाई की बात कहते हैं तो विधायक महिला पार्षद को भी गालियां देते हैं। लेखपाल कौशल ने पुलिस से शिकायत कर मुकदमा दर्ज कराने की बात कही थी।
वहीं, विधायक बेदीराम ने सभी आरोपों को नकारा था। उनका कहना है कि हमने अपने बच्चों से बात की थी। नगर आयुक्त ने कार्रवाई रुकवाई थी, हमने नहीं।

