
यही नाला है जिसे रोका गया है, इसके चलते आस पास की कॉलोनी में जलभराव हो रहा है। गंदे पानी से लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
लखनऊ के खरगापुर इलाके में नाला रोकने से खाली प्लाटों में पानी भर रहा है। आस-पास मकानों में सीलन हो गई है, टाइल्स बैठी जा रही हैं। घरों को बचाने के लिए बाहर की ओर दीवारों से सटाकर कंक्रीट का मलबा डाला जा रहा है, जिससे नींव मजबूत रहे। मकान मालिक विरोध कर रहे हैं तो घर गिराने की धमकी मिल रही है।
मेयर सुषमा खर्कवाल, विधायक योगेश शुक्ला, नगर आयुक्त गौरव कुमार, पार्षद ममता रावत से कई बार शिकायत हुई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया। स्थानीय लोगों ने बातचीत के दौरान सुभासपा विधायक बेदी राम पर नाला रोकने का आरोप लगाया। वहीं, विधायक बेदी राम ने आरोपों को सिरे से नकारा है।

नाले की जमीन पर कब्जा
खरगापुर इलाके में भरवारा मल्हौर वार्ड के एमिटी यूनिवर्सिटी से एसटीपी की तरफ जाने वाले रास्ते पर विधायक ने करीब 6 फीट बढ़ाकर नाले की जमीन पर बाउंड्रीवाल का निर्माण कर लिया है। इससे नाला संकरा हो गया है। गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इससे गंदा पानी आस-पास के खाली प्लॉट और कॉलोनियों में भर रहा है। मानसून के समय में समय विकराल हो जाती है।

यह नाला है जिसका निर्माण होना है। इसी पर सुभासपा विधायक बेदीराम के कब्जा करने का आरोप है
रीना बोलीं- 20 हजार घर प्रभावित
रीना का कहना है कि 20 हजार घरों का पानी इस नाले से आगे जाता है, लेकिन विधायक ने नाले की जमीन पर कब्जा कर पानी रोक दिया है। इसके कारण हमारे घरों में पानी भर रहा है। नगर निगम की गाड़ी कार्रवाई करने आई फिर भी विधायक ने कार्रवाई नहीं करने दी।
रंजू ने कहा- पानी और नाले की समस्या है। बाथरूम और घर की टाइल्स बैठ रही हैं। बारिश होने पर घरों में पानी भर रहा है। नाले का पानी घरों में जा रहा है। हम लोग बीमार पड़ रहे हैं।
विभा सिंह ने कहा- समस्या यह है कि पानी का निकास नहीं हो रही है। हम लोग बीमारी से जूझ रहे हैं। आगे नाला रुका है। मेयर से लेकर विधायक तक आश्वासन दे चुके हैं। कोई सुनने वाला नहीं है।

घर गिराने की मिली धमकी
राम विजय ने कहा- पिछले एक साल से नाला बंद है। कॉलोनी के प्लाट और घरों में पानी भर रहा है। डेढ़ साल से सो नहीं पा रहे। कोई बांधता है। कोई खोलता है। आस पास के लोगों में झगड़ा हो रहा है। हर सप्ताह मेयर और नगर निगम के अधिकारियों से मिल रहे हैं। धमकी मिल रही है कि पूरी कॉलोनी अवैध है, घर गिरवा देंगे।
डेढ़ साल पहले तक नाली सीधी जाती थी। एसटीपी से होते हुए नदी में चली जाती थी। दो हजार से अधिक घरों का पानी आ रहा है। इससे घरों में सीवर का पानी जा रहा है। मेयर और तत्कालीन नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह भी मौके पर पहुंचे थे, लेकिन कुछ नहीं हुआ है।
विधायक बोले- हजारों लोगों को परेशानी
स्थानीय बीकेटी विधायक योगेश शुक्ला शनिवार को मौके पर निरीक्षण करने पहुंचे। नगर निगम के अधिकारी भी इस दौरान उनके साथ थे। विधायक ने कहा कि नाला वहां पर जरूर खुदेगा। स्थानीय लोगों को समस्या हो रही है। विधायक ने कहा- पहले जैसे पानी बह रहा था। उसे कोई कैसे रोक सकता है। जन प्रतिनिधि बनने के बाद में जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि हमसे किसी को समस्या न हो, लेकिन पूरी आबादी को जलभराव में झोंक दिया है।

मेयर बोलीं- जमीन पर कब्जा हुआ तो कार्रवाई होगी
मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति हो किसी भी पद पर हो अगर वह सरकारी जमीन पर कब्जा करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एक साल पहले मेयर सुषमा खर्कवाल मौके पर पहुंची थीं। लोगों ने उनको बताया था कि एक व्यक्ति की वजह से 30 से 40 हजार लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा। इस दीवार को पीछे कराएं। इस पर मेयर ने विधायक से कब्जा की गई जमीन के पेपर दिखाने के लिए बोला था। लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ।

विधायक बोले- नाले की जमीन की पैमाइश होगी
विधायक बेदीराम ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। और कहा- नाले के जमीन की पैमाइश होगी। जो नियम संगत है, वही होना चाहिए। उन्होंने बताया- मेरा मैरिज लॉन है। लेखपाल बार बार पैसा लेकर वहां पर आ जाता है। इस मामले को लेकर सदन में भी मुद्दा उठाया था। इसमें जवाब भी मांगा गया था। मामले में मेयर और नगर आयुक्त से बात करूंगा। नगर निगम और लेखपाल शासन की मंशा के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं। हमने कोई गाली नहीं दी है।

