केंद्रीय बजट से लखनऊ के व्यापारियों की अलग-अलग राय है। किसी का कहना है कि यह बजट समझ में ही नहीं आया। किसानों और आम आदमी के लिए कुछ नहीं दिया गया।

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केंद्रीय बजट से लखनऊ के व्यापारियों की अलग-अलग राय है। किसी का कहना है कि यह बजट समझ में ही नहीं आया। किसानों और आम आदमी के लिए कुछ नहीं दिया गया। कुछ ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित बजट से दलित उद्यमियों को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। वहीं, स्टूडेंट्स ने भी बजट-2026 को निराशाजनक बताया। उनका कहना है कि इस बजट में केवल अच्छी बातें हैं। शिक्षा और रोजगार के लिए क्या दिया, यह है ही नहीं।

लखनऊ में आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्यों ने बजट को इंदिरानगर स्थित गाजीपुर मुख्यालय में बजट का लाइव प्रसारण देखा। डिक्की उत्तर प्रदेश के पदाधिकारियों ने भी बजट देखा। उन्होंने कहा- इस बजट से पशुपालन और मेडिकल सेक्टर से जुड़ी योजनाओं पर भरोसा बढ़ेगा।

डिक्की यूपी ने बजट पेश होने के बाद उद्यमियों के लिए एक सत्र आयोजित किया।
डिक्की यूपी ने बजट पेश होने के बाद उद्यमियों के लिए एक सत्र आयोजित किया।
आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्यों ने बजट भाषण लाइव देखा।
आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारी और सदस्यों ने बजट भाषण लाइव देखा।

बजट के लिए लखनऊवासी क्या-क्या बोले, पढ़िए नीचे लाइव ब्लॉग में…

‘नशे की वस्तुओं में टैक्स बढ़ाने के सिवा नया कुछ नहीं’

मोहनलालगंज बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ललित मिश्रा ने कहा- आम आदमी के लिए जो टैक्स में व्यवस्था कुछ और होनी चाहिए थी। पुराना स्लैब रखा। नया कुछ किया नहीं। इससे आम आदमी को कोई लाभ नहीं है। हां, ये जरूर किया है कि नशे की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ाया। यह अच्छी बात है लेकिन जो जनोपयोगी चीजें है उनमें कुछ दवाइयों में जो बड़ी बीमारी कैंसर है इनमें भी कुछ राहत दिलाई है। इसके अलावा अन्य दवाइयों के प्रति ध्यान देना चाहिए जिससे जनसामान्य को लाभ मिल सकें। बाकी बजट में कुछ विशेष नहीं लगता है।

सीएम बोले- बजट में राजधानी लखनऊ को प्रायोरिटी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय बजट के बाद कहा कि बजट में उत्तर प्रदेश के लिए की गई घोषणाओं ने खासतौर पर राजधानी लखनऊ को विकास के नए केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है। AI सिटी, मेट्रो विस्तार, हाई-स्पीड रेल और औद्योगिक निवेश से लखनऊ को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने जा रही है।

केंद्रीय बजट में लखनऊ में AI सिटी विकसित करने के लिए विशेष बजटीय सहायता का ऐलान किया गया है। इससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और नई तकनीकों पर आधारित स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा। लखनऊ मेट्रो के फेज-2 के लिए शहर को धनराशि भी मिल गई। बजट में राजधानी को प्रायोरिटी मिली है

‘व्यापारियों के हित में है यह बजट’

बुद्धेश्वर व्यापार मंडल के अध्यक्ष पिंटू गुप्ता ने कहा कि वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट निश्चित रूप से व्यापारियों के हित में है। इस बजट में छोटे व मध्यम व्यापारियों को प्रोत्साहन देने के साथ-साथ कर प्रणाली को सरल बनाने, व्यापार को सुगम करने और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया गया है। साथ ही आम जनमानस के लिए भी यह बजट राहत भरा साबित होगा, जिससे महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक मजबूती को बढ़ावा मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट व्यापार, उद्योग और आम नागरिक—तीनों के लिए संतुलित और लाभकारी है।

‘बजट में न व्यापार की बात, न व्यापारियों की’

आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि यह बजट समझ में नहीं आया। व्यापारियों को इससे निराशा हाथ लगी है। हमको यह उम्मीद थी कि ऑनलाइन ट्रेड की पॉलिसी ई-कॉमर्स की पॉलिसी घोषित की जाएगी, व्यापारियों को 10 लाख का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा। लेकिन, ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज के बजट में न व्यापार की बात हुई, न व्यापारियों की बात। न उद्योग की बात हुई, न महिलाओं की बात हुई। शिक्षा की कोई बात नहीं हुई। चिकित्सा में मात्र 17 दावों को सीमा शुल्क के बाहर किया गया। कोई बड़ा अस्पताल भी नहीं मिला। आज का बजट ड्राई था।

हमें उम्मीद थी कि यूपी में चुनाव होने वाले हैं तो हमें बहुत कुछ मिलेगा मगर ऐसा नहीं हुआ। आज के बजट में कुछ समझने लायक था ही नहीं। न कोई गणना, न कैलकुलेशन। रेट ऑफ इंटरेस्ट और लोन की कोई बात नहीं हुई।

लखनऊ व्यापार मंडल बजट के पक्ष में

लखनऊ व्यापार मंडल इस बजट के पक्ष में है। मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा- यह ट्रिपल ई (आर्थिक विकास, रोजगार व निर्यात एवं आम जनता की अपेक्षा) पर केंद्रित बजट है।

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय सरकारों के साथ एफ.टी.ए. (Free Trade Agreement) समझौतों के बाद सरकार द्वारा उत्पाद और संबंधित शुल्कों में दी गई छूट से चमड़ा, जूता, कपड़ा सहित अन्य निर्यात क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे भारतीय निर्यातकों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती प्राप्त होगी।

दलित उद्यमी बजट से खुश, तारीफ की

दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डिक्की) उत्तर प्रदेश ने बजट के लिए समीक्षा बैठक की। इसमें दलित उद्यमी ने कहा कि केंद्रीय बजट काफी सकारात्मक है। संगठन के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित बजट से दलित उद्यमियों को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।

गोमतीनगर स्थित एक होटल में हुई समीक्षा बैठक में प्रदेशभर से 50 से ज्यादा दलित उद्यमियों ने भाग लिया। बजट को समग्र रूप से सकारात्मक बताते हुए इसे रोजगार, निवेश और उद्यमिता के लिए उत्साहवर्धक करार दिया।

पशुपालन और मेडिकल सेक्टर से जुड़ी योजनाओं पर भरोसा

बैठक में उद्यमियों ने कहा कि पशुपालन से जुड़े निजी क्षेत्रों में लाई गई नई योजनाएं, विशेष रूप से मेडिकल एक्सपर्ट्स और हॉस्पिटल से जुड़ी व्यवस्थाएं, दलित उद्यमियों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकती हैं। प्रतिभागियों का मानना है कि दलित उद्यमी जमीनी स्तर पर पशुओं की देखरेख और स्वास्थ्य से जुड़े कार्यों में पहले से अनुभवी हैं, जिससे इन योजनाओं का सीधा लाभ उन्हें मिलेगा।

मत्स्य पालन और अमृत सरोवर से मिलेंगे नए अवसर

बजट में मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए 500 नए जलाशयों के निर्माण और अमृत सरोवरों के नवीनीकरण के लिए किए गए प्रावधानों का भी स्वागत किया गया। उद्यमियों ने कहा कि इससे ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में दलित समुदाय के लोगों को स्वरोजगार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं।

पर्यटन और फूड प्रोसेसिंग से बढ़ेगी उद्यमिता

बैठक में पर्यटन क्षेत्र के लिए बजट में किए गए प्रावधानों को दलित उद्यमियों के लिए नई गतिशीलता देने वाला बताया गया। इसके साथ ही फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में रोजगार और निवेश की संभावनाओं को भी काफी प्रोत्साहन देने वाला कदम माना गया, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा।

महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी से उत्साह

दलित महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने पर बजट में दिए गए जोर को भी बैठक में सराहा गया। उद्यमियों का कहना था कि इससे न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि दलित उद्यमिता में भी नया उत्साह और आत्मविश्वास पैदा होगा।

इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश से मिलेगा मजबूती का आधार

डिक्की उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्टमेंट पर केंद्रित बजट से दलित उद्यमियों को दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ, तो दलित उद्यमी प्रदेश और देश की आर्थिक प्रगति में और सशक्त भूमिका निभाएंगे। बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में कहा कि यह बजट समावेशी विकास की दिशा में सकारात्मक कदम है और आने वाले समय में दलित उद्यमिता को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है।

स्टूडेंट बोला- हमें अप-स्किल करके प्राइवेट नौकरी करवा रहे

बजट पर लखनऊ विश्वविद्यालय के स्टूडेंट शांतम ने कहा- बार-बार सरकार कहती है कि हम स्टूडेंट्स को अप-स्किल कराएंगे, छात्रों को बहुत कुछ सिखाएंगे। हम सरकार से पूछना चाहते हैं कि इतना कुछ सीखने के बाद युवा काम कहां जाकर करेंगे? उनसे काम तो ठेकेदारी और प्राइवेट पर कराया जा रहा है। …तो हमें किसलिए अप-स्किल किया जा रहा है? क्या हमें पूंजीपतियों के लिए अप-स्किल किया जाएगा? इस बजट में भी हमेशा की तरह बस अच्छी बातें हुई है। युवाओं को इस बजट में कुछ नहीं मिला। शिक्षा, रोजगार के नजरिया से बिल्कुल खाली है।

IIA बोला- टेक्सटाइल और ODOP को बढ़ावा मिलेगा

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के लखनऊ डिवीजन के चेयरमैन ने बजट-2026 को टेक्सटाइल जगत और ODOP को बढ़ावा देने वाला बताया है। उन्होंने कहा- बजट में सूक्ष्म लघु माध्यम उद्योगों को विशेष फोकस किया गया है। सोलर पैनल, ग्लास निर्माण में प्रयोग होने वाले सोडियम एंटीमिनोट को कस्टम ड्यूटी से छूट मिली है जो अच्छा निर्णय है। शिक्षा को रोजगार और उद्यमपरक बनाने पर जोर दिया गया है। प्राकृतिक फाइबर, मैग्नेट फाइबर, खादी हैंडलूम और ODOP को बढ़ावा मिलेगा। MSME को इक्विटी और लिक्विडिटी वित्तीय प्रोत्साहन से मजबूत किया जाएगा। यह बजट भारत को फाइव ट्रिलियन इकोनॉमी की तरफ ले जाने वाला है।

व्यापारी बोले- हमको समझ में ही नहीं आया

आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने कहा कि यह बजट हम व्यापारियों को समझ ही नहीं आया। इसमें इतने कठिन शब्द बोले गए जो समझ से बाहर थे। अगर जो चीज व्यापारी वर्ग को समझ नहीं आई, वह आम आदमी को कैसे समझ में आएगी?

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