
घटना 4 मार्च, बुधवार शाम करीब 5 बजे दुबग्गा थाना क्षेत्र के बेगरिया गांव की है। मृतक की पहचान सूरज गौतम (22) के रूप में हुई है। पुलिस आरोपी भाई-बहन को हिरासत में लेकर जाने लगी तो लोगों ने उन्हें पीटने की कोशिश की। थाने का घेराव करके पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।





मृतक के पिता राजेंद्र गौतम ने बताया- मैं बुधवार शाम करीब 5 बजे मोहल्ले के निशु के साथ घर के सामने खड़ा था। इस दौरान निशु ने वहां से गुजर रहे गांव के मोहित तिवारी को हैप्पी होली बोल दिया। बाइक सवार मोहित ने इसका विरोध किया। जिस पर हम लोगों ने उससे माफी मांगी।
बावजूद इसके उसने गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। मेरे बेटे सूरज और शिवा बीच-बचाव करने आए। शोर-शराबा सुनकर मोहित की मां रंजना और गांव के अन्य लोग भी पहुंच गए। मोहित मेरे बेटे सूरज को किनारे ले गया।
वहां अपनी बहन रंजना को आवाज देकर बुलाया। रंजना कुर्ते में चाकू छिपाकर आई। उसने सूरज के पेट में चाकू से 3 वार किया। फिर मोहित ने उससे चाकू लेकर सूरज पर कई वार किए।
पिता राजेंद्र गौतम ने बताया- हम लोग माफी मांग रहे थे और मोहित गालियां दे रहा था।
पुलिस ने आरोपी भाई-बहन को पकड़ा
मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी मोहित तिवारी और उसकी बहन शिवानी को हिरासत में ले लिया। उन्हें लेकर थाने जाने लगी। इस पर ग्रामीणों ने उन्हें पीटने की कोशिश की। पुलिस ने किसी तरह से उन्हें बचाया। इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस के तीखी नोकझोंक हुई।

गुस्साए लोगों ने थाना घेरा
वारदात को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। गुस्साए लोग दुबग्गा थाना पहुंच गए। थाने का घेराव करके पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। थाने के सामने सड़क जाम करने की कोशिश की।
पुलिस ने लोगों को बताया कि मोहित, उसकी मां रंजना और बहन शिवानी तीनों को हिरासत में ले लिया गया है। कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद लोग शांत हुए। इंस्पेक्टर दुबग्गा श्रीकांत राय ने बताया कि मोहित, उसकी मां और बहन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

हैप्पी होली बोलने पर मारपीट हुई
गांव के साजन कुमार ने बताया- मेरे हाथों में सूरज ने दम तोड़ा है। उसके पिता के दोस्त निशु ने मोहित को हैप्पी होली बोला था। इस पर उसने सूरज के पिता के साथ गाली-गलौज की। उसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई।

मोहित का परिवार गांव में किसी से नहीं रखता था संबंध
ग्रामीणों ने बताया कि 30 वर्षीय मोहित सरकारी विभाग में चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी है। उसकी बहन शिवानी (30) घर में ही रहती थी। उनका परिवार गांव में किसी से संबंध नहीं रखता था। उनके घर के बाहर यदि बच्चे भी खेलते-खेलते पहुंच जाते थे तो उन्हें भी मारकर भगा देते थे। मोहित को सरकारी नौकरी होने का काफी घमंड था। वह किसी से बातचीत नहीं करता था।

