
बाराबंकी के फरस्तीपुर बंकी इलाके में होली खेलने को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया है। पीड़ित पक्ष की एफआईआर दर्ज न होने से नाराज भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने डंडे लेकर नारेबाजी की।
सूचना मिलने पर क्षेत्राधिकारी (सीओ) मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। यह घटना तब सामने आई जब पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की।

पीड़ित पक्ष के अनुसार, होली के दिन कुछ लोगों ने मोहल्ले में जबरन होली खेलने का प्रयास किया और बदसलूकी की। मोहल्ले के निवासी मार्थिनी के बेटे सर्वेश ने इसका विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद विपक्षी पक्ष ने फोन कर अपने साथियों को बुला लिया।

कुछ ही देर में 10-15 लोग लाठी-डंडा, लोहे की रॉड और बेल्ट लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देते हुए हमला कर दिया। इस हमले में सर्वेश के सिर पर गंभीर चोट आई, जिससे वह घायल हो गया।

जितेंद्र सहित अन्य कई लोगों को भी मारपीट में चोटें आईं। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि घटना की शिकायत के बावजूद पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसी के विरोध में भीम आर्मी के कार्यकर्ता कोतवाली पहुंचे और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न होने से मोहल्ले में भय का माहौल है और महिलाएं व बच्चे डरे हुए हैं। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधिकारियों ने मामले की जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

