
देवरिया में रविवार को 50 साल पुरानी अवैध मजार गिराई गई। करीब 6 घंटे तक 3 बुलडोजर ने मजार परिसर में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। मेन गेट, बाउंड्री, 6 पिलर, 3 दुकानें और गुंबद को तोड़ा गया। इसके बाद आज की कार्रवाई रोक दी गई। अब सोमवार को 11 बजे के बाद फिर से ध्वस्तीकरण शुरू होगा। बेसमेंट का छत और हॉल तोड़ा जाएगा।
नगर पालिका ने ध्वस्तीकरण को लेकर शुक्रवार को नोटिस दिया था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे 6 थानों की 300 पुलिस फोर्स के साथ नगर पालिका की टीम गोरखपुर ओवरब्रिज से सटी मजार को तोड़ने पहुंची। परिसर को खाली कराने के बाद घेराबंदी की गई। फिर मजार का ध्वस्तीकरण शुरू किया गया। इस दौरान एसडीएम श्रुति शर्मा भी मौके पर मौजूद रहीं।



पढ़िए कब से शुरू हुआ विवाद
अब्दुल शाह गनी मजार गोरखपुर रोड ओवरब्रिज से सटी हुई जगह पर बनी है। 2019 में इसकी पहली शिकायत तत्कालीन जिलाधिकारी से की गई। डीएम ने आरबीओ जेई, तहसीलदार, लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मौका मुआयना करने और प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया था।
14 दिसंबर 2019 को विपक्षी प्रबंध समिति को नोटिस जारी किया गया। इसके बाद से ही लगातार तारीख पर तारीख पड़ रही थी। शुक्रवार को एसडीएम कोर्ट में इसकी सुनवाई हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व जयदीप गुप्ता ने बताया कि एसडीएम कोर्ट ने इस भूमि को पहले ही बंजर घोषित कर दिया था।
कोर्ट में बचाव पक्ष से मानचित्र मांगा गया, लेकिन न तो मानचित्र मिला और न ही कब का मजार बना है, उसके ही कागजात दिए गए। इसके बाद नोटिस जारी करके ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का आदेश दिया गया।
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
आज की कार्रवाई रोकी गई
बेसमेंट को थोड़ी देर तोड़ने के बाद आज की कार्रवाई को रोक दिया गया। अब सोमवार को 10 बजे के बाद दोबारा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
मजार के बेसमेंट को तोड़ना शुरू किया गया
मजार के बेसमेंट को तोड़ा गया है। अभी बुलडोजर कार्रवाई रुकी हुई है। थोड़ी देर में फिर से तोड़ने का काम शुरू किया जाएगा। अब हॉल को तोड़ना है।
मजार का गुंबद गिराया गया
ओवरब्रिज के ऊपर से बुलडोजर ने गुंबद को पूरी तरह तोड़ दिया गया है। अब बेसमेंट को तोड़ने की तैयारी है।
दरगाह आने वाले रास्तों को बंद किया गया
दरगाह की तरफ आने वाले करीब 6 रास्तों को रोका गया है। इसके लिए कसया रोड पर रामपुर कारखाना पुलिस लगी है। इसके साथ ही 6 थानों की पुलिस अलग अलग स्थानों पर लगाई गई है।
खजांची मैनुद्दीन बोले- हम मजबूर, कुछ नहीं कर सकते
मजार के खजांची मैनुद्दीन ने कहा- हमें केवल 12 घंटे का समय सामान हटाने के लिए दिया गया था। हम मजबूर हैं, हम क्या कर सकते हैं। जो प्रशासन की मर्जी होगी वही होगा।
पुलिस ने भीड़ को घेरा बनाकर रोका
मजार पर बुलडोजर एक्शन के दौरान सैकड़ों लोगों की भीड़ लगी है। लेकिन पुलिस ने घेरा बनाकर उन्हें रोक दिया गया है।
फ्लाईओवर पर जाम, रुक-रुककर ट्रैफिक चल रहा
फ़्लाईओवर पर बुलडोजर एक्शन के दौरान लंबा जाम लगा है। रुक-रुककर ट्रैफिक चल रहा है। पुलिसकर्मी जाम से बचने के लिए एक-एक वाहनों को निकाल रहे हैं।
फ्लाईओवर के ऊपर से भी बुलडोजर चला
मजार के गुंबद को तोड़ने के लिए एक बुलडोजर गोरखपुर लिंक रोड के फ्लाईओवर पर भेजा गया। जहां से गुंबद को तोड़ा जा रहा है।
प्रशासन ने चेतावनी दी, मजबूरी में सामान हटाना पड़ा
मैनुद्दीन अंसारी का कहना है कि प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा- यदि सामान नहीं हटाया गया तो उसे हटाने की कार्रवाई की जाएगी। हम लोग कमजोर हैं, अल्पसंख्यक समुदाय से हैं। ऐसे में प्रशासन की बात मानने के अलावा हमारे पास कोई विकल्प नहीं था। सुबह होते ही हम लोग स्वयं अपना सामान हटाने लगे।
कलेक्टर, एसडीएम और कोतवाल सभी एक ही बात कह रहे थे, जिसके चलते उन्हें मजबूरी में मजार से जुड़ा सामान हटाना पड़ा।
शनिवार रात 12 बजे फोन करके सामान हटाने को कहा

अब्दुल शाह गनी मजार से सामान हटाए जाने को लेकर मजार से जुड़े लोगों की ओर से नाराजगी सामने आई है। मजार से जुड़े मैनुद्दीन अंसारी ने बताया कि शनिवार की रात करीब 12 बजे प्रशासन की ओर से फोन आया था। फोन पर कहा गया कि रविवार दोपहर 12 बजे तक मजार परिसर से सारा सामान हटा लिया जाए। अन्यथा प्रशासन बलपूर्वक कार्रवाई करेगा।

