लव जिहाद-धर्मांतरण प्रकरण के बाद KGMU में PAC तैनात:STF जांच में कई डॉक्टर हो सकते हैं बेनकाब, हड़ताल को लेकर बैठक होगी

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KGMU कैंपस में कुलपति कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिस के जवान। - Dainik Bhaskar
KGMU कैंपस में कुलपति कार्यालय के बाहर मौजूद पुलिस के जवान।

KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों और धर्मांतरण की जांच कर रही फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच सोमवार को स्थगित कर दी गई। अब इस प्रकरण की जांच STF के हाथ में आ गई है। STF की जांच और पड़ताल में कई डॉक्टर बेनकाब हो सकते हैं। यही कारण है कि कैंपस के अंदरखाने में अलग-सा माहौल दिख रहा है।

इससे पहले जब 25 दिसंबर को 5 सदस्यीय जांच टीम का कुलपति ने गठन किया था, तब शायद ही किसी ने सोचा हो कि इस जांच को आगे बढ़ाने का काम STF करेगी। करीब 20 दिनों में आधा दर्जन से ज्यादा बार जांच टीम ने बैठक की और पैथोलॉजी विभाग के तमाम फैकल्टी और स्टाफ के अकेले में भी बयान दर्ज हुए।

इसके साथ ही KGMU कुलपति ने मंगलवार को प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद से मुलाकात की। इस दौरान बीते शुक्रवार को अपर्णा यादव के समर्थकों के कैंपस में हुए उपद्रव को लेकर चर्चा हुई। वहीं, दूसरी तरफ कैंपस में OPD का संचालन हुआ पर बुधवार को OPD के संचालन को लेकर अभी असमंजस है। शाम 7 बजे सभी संगठनों की इसको लेकर बैठक शुरू हुई है। इसमें आगे की रणनीति तय होगी।

KGMU में अपर्णा यादव और समर्थकों के उत्पात मचाने के बाद कैंपस में पीएससी तैनात की गई है।
KGMU में अपर्णा यादव और समर्थकों के उत्पात मचाने के बाद कैंपस में पीएससी तैनात की गई है।

पीड़िता के बयान भी हुए दर्ज

जांच के दौरान अचानक से कमेटी के टॉप एक्सपर्ट पूर्व पुलिस महानिदेशक भावेश कुमार सिंह ने बाकी सदस्यों को बाहर कर फैकल्टी मेंबर्स से अकेले में बातचीत की। इस दौरान उनके बयान भी दर्ज हुए। साथ ही पीड़िता और उसके पिता से भी बात कर घटना की भी विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान पीड़िता से उसकी शिकायत पर एक्शन न लेने वाले फैकल्टी मेंबर्स की जानकारी भी हासिल की। इस बातचीत को भी इन रिकॉर्ड भी रखा गया है।

सूत्रों की माने तो जांच के दौरान जब पूर्व पुलिस महानिदेशक को इस मामले में गहरी साजिश की जानकारी हुई, तभी उनके द्वारा इसकी जांच STF को देने का निर्णय लिया गया। इसके बाद STF का इस मामले में एंट्री हुई। इस बीच सोमवार शाम जब कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची। तब खुद मुख्यमंत्री ने इस जांच के दायरे को बड़ा मानते हुए STF से ही आगे की जांच करने की बात कही। ऐसे में अब

STF को मुहैया कराए जाएंगे दस्तावेज

KGMU प्रवक्ता और फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के प्रभारी डॉ. केके सिंह कहते है कि शुरुआती जांच में कैंपस के अंदर धर्मांतरण से जुड़ा कोई गैंग सक्रिय हो, ये बात सामने नहीं आई है। पर कमेटी के एक्सपर्ट मेंबर पूर्व डीजी पुलिस भावेश कुमार ने जांच STF को सौंपने को कहा। खुद मुख्यमंत्री की तरफ से भी इसका आदेश दिया जा चुका है।

इसके बाद जांच टीम के सभी दस्तावेज सील कराकर कुलपति कार्यालय में रख दिये गए है। जानकारी के मुताबिक STF ने इस मामले की जांच शुरू भी कर दी है। जैसे ही टीम की तरफ से डाक्यूमेंट्स मांगे जाएंगे, उन्हें ये तुरंत मुहैया कराया जाएगा।

OPD आज बंद नहीं होगी

सोमवार KGMU में दिनभर चले हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद रात अगले 24 घंटे के लिए OPD संचालन ठप करने के निर्णय को वापस ले लिया गया। कुलपति के दबाव के चलते कर्मचारी-डॉक्टर संगठन OPD हड़ताल को 24 घंटे तक टालने को राजी हो गए। हालांकि, मंगलवार दोपहर बाद बैठक कर आगे की रणनीति की चर्चा की जाएगी।

KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह के मुताबिक कुलपति के अनुरोध के बाद सभी संगठनों ने अपनी प्रस्तावित हड़ताल एक दिन के लिए स्थगित कर दी है। मंगलवार को सामान्य कामकाज होगा। उम्मीद है कि घटना को लेकर तब तक FIR दर्ज हो जाएगी।

पहले डॉक्टरों ने दे दिया था अल्टीमेटम

इससे पहले यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव से नाराज KGMU (किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी) के डॉक्टरों ने 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा था- अगर FIR नहीं लिखी गई तो 13 जनवरी, मंगलवार को OPD बंद रखेंगे। सिर्फ इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सोमवार सुबह कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने पहले राज्यपाल आनंदीबेन पटेल फिर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलीं थी। उन्हें पूरे प्रकरण और विशाखा समिति की रिपोर्ट से अवगत कराया था। सीएम योगी ने कुलपति को कर्मचारी संगठनों से बात करने और मनाने के निर्देश दिए थे।

प्रवक्ता प्रो. केके सिंह ने बताया था- कट्टरपंथी गतिविधि को लेकर बनाई गई 7 सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच स्थगित स्थगित कर दी गई है। मामले की जांच अब STF ने शुरू कर दी है।

अपर्णा यादव के समर्थकों पर FIR नहीं दर्ज होने से नाराज डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने बैठक की।
अपर्णा यादव के समर्थकों पर FIR नहीं दर्ज होने से नाराज डॉक्टरों और अन्य स्टाफ ने बैठक की।

OPD और इमरजेंसी सेवाएं चलेंगी

KGMU परिसर में सोमवार को शिक्षक संघ, रेजिडेंट्स, नर्सिंग, और कर्मचारी संघ की संयुक्त समिति की बैठक हुई। इस दौरान 9 जनवरी को प्रशासनिक भवन के VC ऑफिस परिसर में उपद्रवियों द्वारा की गई तोड़फोड़ और महिलाओं के साथ हुई अभद्रता पर नाराजगी जताई गई। चीफ प्रॉक्टर ने मामले की शिकायत पुलिस से की थी, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इससे कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ गया था।

अपर्णा यादव 9 जनवरी को KGMU पहुंची थीं। इस दौरान उनके समर्थकों पर वीसी कार्यालय के बाहर हंगामा करने का आरोप लगा है।
अपर्णा यादव 9 जनवरी को KGMU पहुंची थीं। इस दौरान उनके समर्थकों पर वीसी कार्यालय के बाहर हंगामा करने का आरोप लगा है।

सीएम योगी से मुलाकात के बाद कुलपति ने बुलाई बैठक

मुख्यमंत्री से मिलकर लौटीं KGMU कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सभी संगठनों की बैठक बुलाई। इस बैठक में OPD बंद करने के निर्णय को लेकर 2 वार्ता हुई। KGMU प्रशासन की तरफ से सोमवार शाम एक रिलीज जारी कर बताया गया कि कुलपति ने मुख्यमंत्री से उनको वर्तमान घटनाक्रम और विशाखा समिति के सन्दर्भ में कमेटी की रिपोर्ट से अवगत कराकर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री की तरफ से विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस विषय में उठाये गये कदमों पर संतोष जाहिर किया गया है। उन्होंने KGMU और कुलपति कार्यालय के गौरव और इसकी सुरक्षा को लेकर भरोसा दिया। धर्मांतरण को लेकर उनके द्वारा कहा गया कि ये बड़ा मामला है। इसकी जांच विश्वविद्यालय प्रशासन की क्षमता के बाहर होने के कारण STF द्वारा इसकी जांच कराई जाएगी। सीएम ने KGMU परिवार के सदस्यों के धैर्य बनाये रखने को कहा।

अपर्णा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके KGMU पर जमकर सवाल उठाए थे।
अपर्णा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके KGMU पर जमकर सवाल उठाए थे।

शिकायत के 72 घंटे बाद भी एक्शन नहीं

लिखित शिकायत के बावजूद चौक कोतवाली पुलिस ने अब तक कोई एक्शन नहीं लिया है। जबकि लेटर दिए 72 घंटे बीत चुके हैं। डॉक्टरों ने कहा- जब कैंपस में कुलपति और आला अधिकारी ही सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी शिक्षक, रेजिडेंट, नर्सिंग और अन्य कर्मचारियों की सुरक्षा की बात करना ही बेकार है।

STF ने शुरू की जांच

प्रो. केके सिंह ने बताया- कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार सुबह राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात की। कुलपति ने सीएम से मुलाकात की है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की जांच स्थगित कर दी गई है। अब धर्मांतरण और कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच STF ने शुरू कर दी है।

प्रो. केके सिंह ने बताया- मामले की जांच अब STF ने शुरू कर दी है।

अपर्णा यादव के समर्थकों ने किया था हंगामा

KGMU में शुक्रवार, 9 जनवरी को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव के पहुंचने के बाद उनके समर्थकों ने जमकर हंगामा किया था। KGMU प्रशासन का आरोप था कि इस दौरान कार्यालय में तोड़फोड़ भी हुई।

चीफ प्रॉक्टर प्रो. आरएएस कुशवाहा ने इस मामले में FIR दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को ही तहरीर दी थी। तीन दिन बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी है। ऐसे में KGMU के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों में आक्रोश है। ये सभी अब आरपार की लड़ाई के मूड में हैं।

यह तस्वीर शुक्रवार की है। बवाल के बाद मीडिया को संबोधित करने कुलपति पहुंची थीं।
यह तस्वीर शुक्रवार की है। बवाल के बाद मीडिया को संबोधित करने कुलपति पहुंची थीं।

पुलिस अलर्ट, LIU भी एक्टिव

KGMU में सोमवार को चिकित्सा सेवा के बहिष्कार और आंदोलन की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती की गई है। LIU भी लोगों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। पुलिस ने किसी भी तरह के हंगामे से निपटने के लिए इंतजाम किए हैं।

KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि अभी सभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। हमें भरोसा है कि पुलिस बहुत जल्द FIR दर्ज करेगी। सोमवार को इसको लेकर पदाधिकारियों की बैठक बुलाई गई है।

डॉ. रमीज पर लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोप लगने के बाद मामला गरमाया है। पुलिस ने डॉ. रमीज को गिरफ्तार कर लिया है।
डॉ. रमीज पर लव जिहाद और धर्मांतरण का आरोप लगने के बाद मामला गरमाया है। पुलिस ने डॉ. रमीज को गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़ित महिला डॉक्टर ने सुसाइड की कोशिश की

पीड़ित महिला डॉक्टर KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रही है। 17 दिसंबर को उसने दवा की ओवरडोज लेकर सुसाइड की कोशिश की। उसे गंभीर हालत में KGMU ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। 19 दिसंबर को उसे डिस्चार्ज किया गया।

पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि KGMU से एमडी पैथालॉजी की पढ़ाई कर रहे डॉ. रमीज ने बेटी को लव जिहाद में फंसाया। उस पर शादी करने के लिए इस्लाम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। जबकि, वह पहले से शादीशुदा है। फरवरी में वह हिंदू लड़की का धर्मांतरण कराकर उससे शादी कर चुका है।

मुख्यमंत्री और राज्य महिला आयोग में शिकायत की

पीड़ित के पिता ने मामले की राज्य महिला आयोग और मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी। इसके बाद 22 दिसंबर को राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने पीड़ित के साथ प्रेस वार्ता करके कार्रवाई का आश्वासन दिया।

24 दिसंबर को विशाखा कमेटी की प्रारंभिक रिपोर्ट आने के बाद KGMU प्रशासन ने डॉ. रमीज को सस्पेंड करके परिसर में प्रवेश पर रोक लगा दिया। आरोपी के खिलाफ के FIR भी दर्ज हो गई। 26 दिसंबर को कुलपति ने KGMU में कट्टरपंथी गतिविधियों की जांच के लिए 7 सदस्यीय कमेटी बनाई। आरोपी डॉ. के मां-बाप की संलिप्तता पाई गई है। उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।

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