
अयोध्या में 25 नवंबर को श्रीराम मंदिर का ध्वजारोहण समारोह आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत अनेक हस्तियों सहित छह हजार से अधिक मेहमान शामिल होंगे। पीएम के प्रोटोकॉल को देखते हुए अयोध्या की सुरक्षा लगातार कड़ी की जा रही है। इसी क्रम में 24 नवंबर की रात से अयोध्या में प्रवेश संभव नहीं होगा।
25 नवंबर की सुबह से रामपथ पर आम जन को निकलने की अनुमति नहीं रहेगी। ध्वजारोहण के बाद प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल पर मौजूद मेहमानों को संबोधित करेंगे। वे दोपहर डेढ़ बजे तक अयोध्या में रहेंगे। सुरक्षा कारणों से अयोध्या में जल, नभ और थल तीनों स्तरों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
24 नवंबर की आधी रात के बाद अयोध्या निवासी अपने घरों तक तो जा सकेंगे, लेकिन उन्हें रामपथ की ओर जाने नहीं दिया जाएगा। पूरे रामपथ पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई जा रही है। शहर को किलेबंद करने के लिए 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों और अधिकारियों की तैनाती की जा रही है। इसके साथ ही सभी प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता बढ़ा दी गई है। रातभर संदिग्धों की तलाशी और चेकिंग अभियान जारी है।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बताया कि सभी आमंत्रित अतिथियों से 24 नवंबर तक अयोध्या पहुंचने का अनुरोध किया गया है।
80 चार्टर्ड विमानों के आने की संभावना
ध्वजारोहण समारोह से पहले अयोध्या एयरपोर्ट पर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रधानमंत्री समेत कई वीवीआईपी के आगमन को देखते हुए यहां 40 से 80 चार्टर्ड विमानों के आने की संभावना जताई जा रही है। हवाई अड्डा निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विमानों के प्रबंधन की पूरी व्यवस्था कर ली गई है। हालांकि विमानों की पार्किंग आसपास के हवाई अड्डों पर होगी। सुरक्षा के लिए CISF के 100 अतिरिक्त जवान भी तैनात किए जाएंगे।
टेंट सिटी में 1,600 कमरे आरक्षित
प्रधानमंत्री के लिए एक विशेष लाउंज और मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों के लिए छह वीआईपी लाउंज बनाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को पूरे आयोजन की समीक्षा करेंगे।
मेहमानों के ठहरने के लिए विभिन्न होटलों और टेंट सिटी में 1,600 कमरे आरक्षित किए गए हैं। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के अनुसार, मेहमानों को 24 नवंबर तक पहुंचने का आग्रह किया गया है और 25 नवंबर को कार्यक्रम स्थल में प्रवेश सुबह 7:30 से 9:00 बजे के बीच होगा।
अयोध्या के जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने बताया कि अयोध्या मेडिकल कॉलेज में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं और लगभग 24 डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ड्यूटी पर रहेगी। अयोध्या नगर के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में राम जन्मभूमि परिसर में ट्रस्ट पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

