लखनऊ में कक्षा-9 की छात्रा सड़क के किनारे खून से लथपथ हालत में मिली। गंभीर हालत में उसका SGPGI के ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में इलाज चल रहा है। उसे 5 दिन से होश नहीं आया है। मां ने उसिके दोस्तों पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
घटना पीजीआई थाना क्षेत्र में शहीद पथ पर नीलमथा की है। छात्रा की पहचान रजनीखंड, आशियाना निवासी मानसी के रूप में हुई है। वह 25 दिसंबर को दोस्तों के साथ क्रिसमस सेलिब्रेट करने निकली थी। कुछ देर बाद उसके दोस्तों ने घरवालों को कॉल करके बताया कि रोड एक्सीडेंट हो गया है। इसमें मानसी घायल हो गई है। घटना के बाद से उसके 2 दोस्त फरार हैं।

दोस्त ने बहनों के साथ ले जाने की बात की
रजनीखंड आशियाना में नीतू सिंह परिवार के साथ रहती हैं। वह एक दुकान में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मानसी प्राइवेट स्कूल में 9वीं की छात्रा है। 25 दिसंबर को उसके साथ में पढ़ने वाले निखिल का कॉल आया। उसने कहा कि मानसी को घूमने भेज दीजिए। वह अपनी बहनों के साथ जा रहा है।
उन्होंने मना किया, तो दूसरी दोस्त शीजा श्रीवास्तव ने कॉल किया। उसने बोला- मैं, आइबा खान और मानसी भी जा रहे हैं। इसके बाद वह मानसी को अपने साथ लेकर चली गई।

बहाने से लुलु मॉल ले गए दोस्त
नीतू सिंह ने बताया कि बेटी के सभी दोस्त आलमबाग फीनिक्स प्लासियो मॉल ले जाने की बात कहकर निकले, लेकिन बहाने से लुलु मॉल लेकर चले गए। वहां पर रुशील नाम का लड़का मिला। शीजा और मानसी उसके साथ हो गई। निखिल और आइबा खान एक गाड़ी में हो गए। इसके बाद सभी विश्वनाथ एकेडमी स्कूल की तरफ गए।
मां नीतू ने कहा- दोस्त बहाने से बेटी को लुलु मॉल ले गए।
अंतिम बार बेटी से बात हुई तो बोली- आ रही हूं
नीतू सिंह ने बताया कि देर होने की वजह से उन्होंने बेटी को कॉल किया। कई कॉल के बाद फोन नहीं उठा। बाद में कॉल रिसीव हुई तो मानसी ने बताया कि सब लुलु मॉल ले आए हैं। जल्द आ रहे हैं। इसके 10 मिनट बाद ही शीजा ने कॉल करके बताया कि एक्सीडेंट हो गया है।
मानसी और रुशील की हालत गंभीर है। आनन-फानन SGPGI पहुंचीं। मालूम हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने मानसी को कार से अस्पताल पहुंचाया है। उसका ट्रॉमा सेंटर के आईसीयू में उपचार चल रहा है। नीतू सिंह ने बताया कि 5 दिन से बेटी को होश नहीं आया है।

हत्या की कोशिश की गई
नीतू सिंह का कहना है कि अगर कोई घटना हो गई तो बेटी के दोस्तों को पुलिस को सूचना देनी चाहिए। इन लोगों ने किसी को नहीं बताया। घटनास्थल पर जाकर पता किया तो दूर-दूर तक लोगों को एक्सीडेंट की जानकारी नहीं है।

पुलिस भी कह रही कि कोई हादसे की जानकारी नहीं है। घटना के बाद निखिल और आइबा अस्पताल में हालचाल लेने नहीं आई। दोनों फरार हैं। इंस्पेक्टर पीजीआई का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है।

