लखनऊ उत्तर प्रदेश डीजीपी- कानून व्यवस्था एक रात में नहीं बदली जा सकती। जैसी स्थिति आज है उसमें भी सुधार की गुंजाइश है।

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चुनाव में हिंसा को रोकने के लिए पुलिस अलर्ट है। संदिग्ध और गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। दूसरे प्रदेश की सीमा से घुसकर कोई अराजकता न फैला सके इसकी भी चेकिंग की जा रही है। यूपी में कानून व्यवस्था के लिए पुलिस का अपना मॉडल है। इसी लिहाज से काम किया जा रहा है। चुनाव में फंडिंग और नशीले पदार्थ की सप्लाई को रोकने के लिए स्पेशल स्कॉट टीम तैनात की गई है।’

वोटिंग की तैयारी को लेकर यूपी डीजीपी प्रशांत कुमार ने UPLIVENEWS से खास बातचीत की…

सवाल- पीएम का लोकसभा क्षेत्र यूपी है। ऐसे में कानून व्यवस्था को लेकर क्या इंतजाम है?

डीजीपी- शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए चुनाव आयोग के निर्देश हैं। किसी तरह का कोई प्रलोभन न दे इसके लिए व्यवस्थाएं की गई है। अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उसमें हिंसा की कोई सूचना नहीं मिली। इसका कारण यही था कि पूरी निष्पक्षता बरती गई। चुनाव में भरोसेमंद अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।

हमारी सीमाएं 9 राज्यों से मिलती हैं। 555 किलोमीटर अंतरराष्ट्रीय सीमा नेपाल से जुड़ी है। सभी सीमा पर हमारे बैरियर लगे हैं। पूरा इलाका सीसीटीवी से लैस है। आने जाने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। सभी राज्य के डीजीपी और नेपाल के साथ समन्वय बैठक भी हुई है।

पैसे और शराब की तस्करी को रोकने के लिए विशेष स्कॉट टीम तैनात की गई है। सामान्य कानून व्यवस्था के लिए पीएसी है। वरिष्ठ अधिकारियों की टीम भी नियुक्त की गई है। यह टीम पूरे प्रदेश के चुनाव की निगरानी कर रही है। इसमें एक रिटायर्ड आईएएस ऑफिसर, वरिष्ठ रिटायर्ड आईपीएस ऑफिसर, एक भारतीय राज्य सेवा के अधिकारी हैं।

यूपी चुनाव में कानून व्यवस्था को लेकर डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा- यहां पुलिस का अपना मॉडल।
यूपी चुनाव में कानून व्यवस्था को लेकर डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा- यहां पुलिस का अपना मॉडल।

 

सवाल- यूपी में लोकसभा चुनाव, कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर लड़ा जा रहा है।

डीजीपी- ​​अभी चुनाव का समय है। मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। हां यह बात सही है कि यूपी में कानून व्यवस्था के लिए पुलिस का अपना मॉडल है। अधिकारी अपनी टीम के साथ अच्छा रिजल्ट दे रहे हैं। गुंडा-माफिया के राज को खत्म करने का काम किया जा रहा है। इससे अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं।

सवाल- चुनाव में इस बार पैसे से ज्यादा ड्रग्स पकड़ाया है, क्या प्लानिंग थी?

डीजीपी- इसके लिए एंटी नार्कोटिक्स ड्रग्स का गठन किया गया। पुलिस के आपसी कॉर्डिनेशन से अच्छे रिजल्ट आए हैं। एनसीबी की एजेंसियां भी काफी एक्टिव हैं। बैरियर से पकड़ने में काफी सहयोग मिला है।

डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा- चुनाव में हिंसा रोकने के लिए पुलिस अलर्ट है।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा- चुनाव में हिंसा रोकने के लिए पुलिस अलर्ट है।

सवाल- सोमवार को प्रधानमंत्री की रैली है, नामांकन भी करेंगे। व्यवस्था की तैयारी कैसी है?

डीजीपी- राजनैतिक सभा तो सभी पार्टियां कर रही हैं। सभी के लिए एक जैसी सुरक्षा व्यवस्था मुहैया कराई जा रही है। प्रधानमंत्री के लिए जो भी मानक निर्धारित हैं, उसके हिसाब से इंतजाम किया गया है। पहले भी पीएम तीन फेज में सभा कर चुके हैं। आगे भी बिना किसी भेदभाव के सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

सवाल- आप यूपी के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर रह चुके हैं, यहां की कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने में किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा?

डीजीपी- कानून व्यवस्था एक रात में नहीं बदली जा सकती। जैसी स्थिति आज है उसमें भी सुधार की गुंजाइश है। हम कुशल नेतृत्व और लक्ष्य निर्धारित करके कानूनी मापदंड के अनुसार कार्रवाई करते हैं। यह भी देखा जाता है कि मानवाधिकार का हनन ना हो और व्यवस्था भी अच्छी बनी रहे।

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